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Noida News: ट्रांसमिशन लाइन के नीचे बने 567 मकानों पर ऊर्जा निगम चलाएगा हथौड़ा

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गाजियाबाद। ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे बने घरों के कारण होने वाले हादसों पर लगाम लगाने के लिए ऊर्जा निगम सख्त हो गया है। ऊर्जा निगम ने मुरादनगर और दुहाई में मानक के विपरीत बने 567 मकानों को नोटिस जारी किया है। इन भवन स्वामियों को तीन महीने का समय दिया गया है। तीन महीने में अगर इन्होंने अपने निर्माण को खुद से नहीं तोड़ा तो ऊर्जा निगम की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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अधीक्षण अभियंता ट्रांसमिशन रविंद्र चौहान ने बताया कि मोदीनगर और मुरादनगर के कई इलाकों में लोगों ने पहले से गई हुई ट्रांसमिशन लाइनों की ऊंचाई तक मकान बना लिया है, जो गैरकानूनी है। नियम के अनुसार ट्रांसमिशन लाइन से छत की दूरी कम से कम 20 फिट तक होनी चाहिए। ऐसे में मुरादनगर और अन्य इलाकों में 567 मकानों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया है। क्योंकि इससे पहले गर्मी के दिनों में ट्रांसमिशन लाइनों के कारण कई हादसे हो चुके हैं। इन घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए ऊर्जा निगम की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर लगाम लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि अगर भवन स्वामियों द्वारा खुद से कार्रवाई नहीं की जाती है, तो स्थानीय पुलिस और विभाग के अधिकारियों की मदद से ऊर्जा निगम की ओर से कार्रवाई कराई जाएगी।
-इसलिए जरूरी है 27 मीटर का कॉरिडोर-

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार 132 केवी या इससे अधिक वोल्टेज की ट्रांसमिशन लाइन के नीचे कम से कम 27 मीटर की सुरक्षित दूरी आवश्यक है। जिससे हवा में झूलते तारों से संपर्क न हो और दुर्घटना टाली जा सके। जनवरी 2025 से अब तक ट्रांसमिशन लाइनों में 15 बार व्यवधान हुआ है।
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-600 से 950 गुना अधिक रहता है खतरा-

आम घरों में उपयोग होने वाली बिजली आपूर्ति की तीव्रता मात्र 240 वोल्ट होती है। यह स्तर भी इतना अधिक होता है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से इसके संपर्क में आ जाए तो वह गंभीर रूप से घायल हो सकता है या जान जा सकती है। एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों में विद्युत तीव्रता 132 केवी (यानी 1,32,000 वोल्ट) व 220 केवी (यानी 2,20,000 वोल्ट) होती है। जो कि घरेलू बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक रहती है। यह अंतर दर्शाता है कि अगर मात्र 230 वोल्ट के संपर्क में आने से जान को खतरा हो सकता है तो 132 या 220 केवी की ट्रांसमिशन लाइनों के पास रहने या निर्माण करने से कितना बड़ा जोखिम हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह जानलेवा जोखिम भी उत्पन्न करता है।
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