संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सैन्य भूमि पर अतिक्रमण करने वालों पर रक्षा संपदा विभाग की ओर से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई कैंटोनमेंट बोर्ड के साथ मिलकर की जा रही है। कार्रवाई के तहत पहला कारण बताओ नोटिस आरएचए परेड स्थित जमीन पर दो अतिक्रमणकारियों को दिया गया है। इन लोगों ने सेना की जमीन पर बिना अनुमति के मकान की छत पर टीन की शेड डाल ली थी वहीं अन्य अतिक्रमण करने वालों की सूची तैयार की जा रही है। आगामी 10 दिनों में उन्हें अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस आने के बाद आरएचए परेड में रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। उन्हें अब कार्रवाई का डर सता रहा है।
यह नोटिस किया जारी
आरएचएस परेड के सर्वे नंबर 65/167 में रहने वाले सुरिंदर कुमार और कैलाश को रक्षा संपदा विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसकी एक प्रति कैंटोनमेंट बोर्ड को भी भेजी गई है, इसके तहत दोनों व्यक्तियों को नोटिस के माध्यम से जानकारी दी गई है कि उन्होंने सर्वे नंबर 65/167 में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के निर्माण किया है और यह निर्माण सैन्य भूमि पर है, इसलिए उन्हें निर्देश दिए जाते हैं कि वह 10 दिन के अंदर इस अनाधिकृत निर्माण को खुद हटा लें, अन्यथा विभाग फिर अपने स्तर पर कार्यवाही करेगा।
यह दिया जवाब
रक्षा संपदा विभाग से कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद सुरेंद्र व कैलाश ने लिखित में इसका जवाब दिया है। उन्होंने विभागीय अधिकारी को बताया कि आरएचए परेड स्थित उनके मकान सर्वे नंबर 65/167 की छत गिर गई थी जोकि कच्ची कड़ियों की बनी हुई थी। इस कच्ची छत को बदलने के लिए उनकी तरफ से पहले ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी, छावनी परिषद और रक्षा संपदा विभाग में अनुरोध किया था क्योंकि उनके पास रहने के लिए कोई अन्य मकान नहीं था और इस कारण वह सड़क पर आ गए थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने इस मकान की छत पर टीन की चादरें डालकर रहने लायक बनाया है और वह अब इसमें रह भी रहे हैं। इसलिए पूरे परिवार की तरफ से अनुरोध है कि उनके मकान को गिराया न जाए और उन्हें इसी मकान में रहने दिया जाए।
पिछले कुछ दिनों से अतिक्रमण के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में आरएचए परेड के लोगों को अतिक्रमण से संबंधित नोटिस दिए गए हैं ताकि वह खुद ही इसे हटा लें। इसके अलावा भी कुछ अन्य जगह पर अतिक्रमण है, जिसे हटाया जाना है।
- राहुल आनंद शर्मा, मुख्य अधिशासी अधिकारी, छावनी परिषद, अंबाला।