अनपरा। नगर की सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या जटिल हो गई है। हाईवे और पटरियों पर कई जगह वाहनों की मरम्मत का काम होता है।
वहीं, पटरियों को लोगों ने स्थाई पार्किंग बना ली है। ऐसे में जाम लगने के साथ हादसे का डर बना रहता है। वहीं, सड़क की सफाई नहीं हो पा रही। जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है।
नगर पंचायत ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के मद से औड़ीमोड़-शक्तिनगर फोरलेन किनारे धूल से बचाव और नेहरू चौक औड़ीमोड़ से चर्च तक करीब 30 लाख से पटरी पर इंटरलाकिंग का काम कराया है, लेकिन इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा। वाहन स्वामियों ने पटरी पर अतिक्रमण कर स्थाई पार्किंग बना ली है। रेलवे पुलिया से रेहटा मोड़ की स्थिति भी खराब है। फोरलेन किनारे वाहन मरम्मत की दुकानें है। हाईवे पर ही वाहनों को खड़ी कर मरम्मत कार्य करतें हैं।
नेहरू चौक, अनपरा मोड़, काशीमोड़ पर हाईवे पर ही बस स्टैंड बना हुआ है। साथ ही ऑटो और ई रिक्शा भी हाईवे पर खड़ी कर देते हैं, जिससे जाम व दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है।
पटरियों के अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वाले स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग मेन लेन पर वाहनों के बीच से होकर गुजरते हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
मुख्यमंत्री ने भी हाईवे से अवैध पार्किंग को हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारी लगातार इसकी अनदेखी कर रहे हैं।