लखनऊ। प्रधानमंत्री के विजन विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री के समर्थ उत्तर प्रदेश अभियान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को बुद्धिजीवियों और विशेषज्ञों के बीच बृहस्पतिवार को संवाद हुआ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मून हाल सभागार में कार्यक्रम के दूसरे चरण में योजनाओं के चरणबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश भारत के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा और 2047 तक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देगा। चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की क्षमता वृद्धि और डिजिटल हेल्थ मिशन के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया। खेल क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने युवाओं को अवसर देने, खेल अवसंरचना विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत को अग्रणी बनाने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता बताई।
कृषि विशेषज्ञों ने सीमित भूमि में उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक खेती, जैविक उर्वरक और आधुनिक तकनीक अपनाने की सलाह दी। शिक्षा और उद्योग जगत के वक्ताओं ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास को समर्थ उत्तर प्रदेश एवं विकसित भारत 2047 की नींव बताया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय रहे। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसएन साबत, महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिल्लाखंड विश्वविद्यालय के कुलपति अनिल कुमार शुक्ला, कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनय प्रकाश श्रीवास्तव और मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन ने विचार साझा किए।
तीसरे सत्र में महिला संगठन और स्वयंसेवी संस्थाओं से संवाद किया गया, जिसमें उन्होंने अनुभव और फीडबैक साझा किया। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने औद्योगिक विकास पर विचार रखे।
प्रधानमंत्री के विजन विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री के समर्थ उत्तर प्रदेश अभियान को आगे बढ़ाने
प्रधानमंत्री के विजन विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री के समर्थ उत्तर प्रदेश अभियान को आगे बढ़ाने
प्रधानमंत्री के विजन विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री के समर्थ उत्तर प्रदेश अभियान को आगे बढ़ाने
प्रधानमंत्री के विजन विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री के समर्थ उत्तर प्रदेश अभियान को आगे बढ़ाने