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Noida News: स्कूलों में रिवीजन पर जोर, चल रहीं अतिरिक्त कक्षाएं

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यूपी बोर्ड और सीबीएसई की परीक्षाएं शुरू होने में कुछ ही दिन बचे
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कई स्कूलों द्वारा प्रैक्टिकल का डाटा भी वेबसाइट पर साझा किया जा रहा


माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। यूपी बोर्ड व सीबीएसई की परीक्षाओं में अब करीब 20 दिन का ही समय शेष रह गया है। ऐसे में अंतिम दौर की तैयारियां जैसे सीसीटीवी निरीक्षण, परीक्षकों की तैनाती, सुरक्षा के इंतजाम आदि पर शिक्षा विभाग का विशेष अभियान जारी है। जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए 58 व सीबीएसई की परीक्षाओं के लिए 100 से अधिक केंद्र बनाए गए हैं।
15 जनवरी से जिले के सरकारी स्कूलों में प्रैक्टिकल का दौर शुरू हुआ है। निजी स्कूलों में जनवरी के पहले व दूसरे सप्ताह से प्रैक्टिकल प्रक्रिया शुरू हो गई थी। जिले के ज्यादातर स्कूलों में प्रैक्टिकल पूरे होने के बाद अब रिवीजन प्रक्रिया तेज हो चुकी हैं। कुछ जगह जनवरी के अंत तक प्रैक्टिकल परीक्षाएं पूरी हो जाएंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक व शिक्षा विभाग द्वारा पहले ही जनवरी में कोर्स पूरा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में फरवरी के बचे हुए करीब 15 दिन में स्कूलों का फोकस सिर्फ रिवीजन व एक्सट्रा क्लासेज पर होगा।
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जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने कहा कि परीक्षाएं शांतिपूर्वक एवं नकलविहीन कराने की पूरी तैयारी है। नकल करते पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं। पर्यवेक्षकों की तैनाती के लिए पूरी व्यवस्थाएं हो चुकी हैं। वहीं सभी स्कूलों में कोर्स लगभग पूरा हो चुका है। विद्यार्थियों को जरूरत अनुसार एक्सट्रा क्लासेज व रिवीजन करवाई जा रही है। वहीं सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी पीयूष शर्मा के अनुसार स्कूलों को प्रैक्टिकल समय से करवाने व कोर्स पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों द्वारा प्रैक्टिकल का डाटा भी वेबसाइट पर साझा किया जा रहा है। प्रैक्टिकल व परीक्षाओं के संबंध में स्कूलों के साथ कई बैठकें भी हुई हैं, जहां तैयारियों से जुड़े विभिन्न दिशा निर्देश दिए गए। साथ ही यदि किसी स्कूल को कोई अन्य समस्या है तो वह क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क कर सकता है।
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अंतिम दौर की तैयारियों में हावी न होने दें तनाव
शिक्षाविदो व मनोचिकित्सकों के अनुसार, यह समय बच्चों के लिए सबसे तनावपूर्ण रहता है। परीक्षाओं से पहले अंतिम 15- 20 दिन में विद्यार्थियों के बीमार पढ़ने, एंजाइटी बढ़ने के काफी मामले सामने आते हैं। ऐसे में इस वक्त सही समय प्रबंधन व सही दिशा में सोचना बेहद जरूरी है। कई स्कूलों द्वारा अंतिम समय के तनाव को देखते हुए काउंसलिंग सेशन का भी आयोजन किया जा रहा है। माॅडर्न स्कूल के प्राचार्य नीरज अवस्थी कहते हैं कि स्कूल का पूरा प्रयास रहता है कि बच्चे पूरे मन से बिना तनाव के परीक्षाओं पर ध्यान दे सकें। इसके लिए समय समय पर काउंसलिंग, एक्सट्रा क्लासेज सहित विविध गतिविधियां विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर कराई जा रही हैं। अभिभावकों को भी ध्यान देना चाहिए कि बच्चे पर तनाव हावी न हो रहा हो। मनोचिकित्सक डॉ मनीषा सिंघल कहती हैं कि परीक्षाओं से पहले अभिभावकों की जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। बच्चों के मन में आने वाले विभिन्न नकारात्मक ख्याल को दूर रखने की पहली जिम्मेदारी अभिभावकों पर आती है। बच्चों को समझाएं कि हर परिस्थिति में आप उनके साथ हैं और समय प्रबंधन व मेहनत से बेहतर नतीजे पाए जा सकते हैं।
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