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Elvish News: सोशल मीडिया पर सक्रिय हुई एल्विश आर्मी, एक्स पर दिनभर हुआ ट्रेंड; अब जहर बेचने वालों की खैर नहीं

Sun, 05 Nov 2023 10:59 AM IST
शाहरुख खान हर्ष मिश्रा, अमर उजाला, नोएडा

सार

सांपों का जहर निकालकर नशे के लिए इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं है। तस्कर वन विभाग की रडार पर भी हैं। पुलिस की तर्ज पर वन विभाग ने भी छह लोगों के खिलाफ एचटू केस दर्ज कर लिया है।
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Elvish Yadav - फोटो : Social Media
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विस्तार
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बिग बॉस विजेता एल्विश यादव के आरोपों में घिरने के बाद अब सोशल मीडिया पर उनकी एल्विश आर्मी सक्रिय हो गई है। शनिवार को दिनभर एक्स पर हैशटैग एल्विश आर्मी ट्रेंड होता रहा। एल्विश पर लग रहे आरोपों के बाद उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर भी लोगों से इस पर भरोसा नहीं करने की अपील की और समर्थन बनाए रखने के लिए कहा। 
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इससे प्रभावित होकर उनके फैंस ने एक्स पर एल्विश आर्मी को ट्रेंड पर ला दिया। दो दिनों में एल्विश विवाद की वजह से सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया है। एक एल्विश का समर्थन कर रहा है, जब कुछ लोग उन्हें नापसंद कर रहे हैं। इसे लेकर दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर खूब कमेंट कर रहे हैं।

एक्स पर विनीत श्रीवास्तव नामक आईडी यूजर लिखते हैं कि एल्विश भाई को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। उनका नेगेटिव पीआर कराया जा रहा है। इसके जवाब में इमेनुअल राहुल जवाब देते हैं कि पीआर टीम किसकी है, यह सभी जानते हैं।
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जहां शुक्रवार को एल्विश के विरोध में सारी बातें सोशल मीडिया पर चल रही थी, वहीं अब शनिवार को सब अचानक क्यों सपोर्ट करने लगे आखिर कितना पैसा लगाया है एल्विश भाई ने पीआर पर। वहीं कंचन गोयल लिखती हैं कि सिस्टम हुआ फेल एल्विश का खेल। इसके जवाब में रिंकू लिखते हैं कि रहना है तो सिस्टम के नीचे रहना पड़ेगा। 

एल्विश के पीआर कराने को लेकर कई बार सोशल मीडिया पर यह बातें सामने आई हैं कि एल्विश ने बिग बॉस के समय पर भी अपना पॉजिटिव पीआर कराया था। अब एक बार फिर से लोग उन्हें इसके लिए ट्रोल करने लगे हैं लोगों का कहना है कि अपने कारनामों को छिपाने के लिए वह ऐसा कर रहे हैं। पर सच्चाई तो सामने आकर रहेगी। 
 

वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो भी करेंगे जांच
उधर, सांपों का जहर निकालकर नशे के लिए इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं है। तस्कर वन विभाग की रडार पर भी हैं। पुलिस की तर्ज पर वन विभाग ने भी छह लोगों के खिलाफ एचटू केस दर्ज कर लिया है। 

 

इसमें सीआरपीसी की धारा 120बी को छोड़कर अन्य वह सभी धाराएं शामिल हैं, जो पुलिस की ओर से भी शामिल की गई हैं। जिला वन अधिकारी पीके श्रीवास्तव का कहना है कि इन धाराओं में अगर दोषी पाए गए तो सात साल तक की सजा हो सकती है।

 

पीके श्रीवास्तव बताते हैं कि बरामद हुई जहर की शीशी पुलिस के कब्जे में है। उसे जांच के लिए भेजा जाना है। अभी भी कई और लोगों के इससे जुड़े होने की आशंका है। इसकी पूरी जांच की जाएगी। इसके अलावा शनिवार को वन अधिकारियों के साथ डब्ल्यूसीसीबी (वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ) के उच्चाधिकारियों ने बैठक की जिसमें इस मामले में अब तक की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। बैठक में डब्ल्यूसीसीबी ने यह साफ किया है कि ब्यूरो इस पर स्वतः संज्ञान लेने जा रहा है। 

 

श्रीवास्तव ने बताया कि वह पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई को और तेज करने के लिए कहेंगे, इसके लिए वह पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे। अहम है कि रेव पार्टी में सांपों की तस्करी मामले में कई बड़े नामों की चर्चा हो रही है। 

 
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अब सभी विभागों की सयुंक्त जांच के बाद मामले में कई खुलासे हो सकते हैं। वहीं ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि तस्करों नोएडा तक सीमित नहीं रहे होंगे। अब जिन लोगों की भी इनमें मिलीभगत पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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