संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। भोजन पानी की तलाश में अब जंगली हाथी आबादी का रुख करने लगे हैं। कलेसर जंगल में रह रहे हाथी पिछले कई दिनों से आबादी में उत्पात कर रहे हैं। हाथी गन्ने की फसल रौंद रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
कलेसर राष्ट्रीय उद्यान से निकले हाथियों ने पिछले कई दिनों से किसानों को परेशान कर रखा है। किसानों के खेतों में खड़ी गन्ने की फसल और गेहूं अब राम भरोसे हैं क्योंकि विभाग से तो लोगों को किसी प्रकार की मदद नहीं मिल पा रही। आज जंगली हाथी सुबह जंगल से निकलकर जंगल के साथ लगते खेतों में घुस गया।
किसान सुरेश व मुल्की ने बताया कि जंगली हाथी कई दिनों से जंगल के साथ लगते एरिया में घूम रहा हाथी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। क्योंकि दो दिन पहले भी यही जंगली हाथी आंबवाली की नदी में दिखाई दिया था और उससे चार पहले अराइयांवाला के जंगल के साथ लगते खेतों में गन्ने के खेत में जमकर उत्पात मचाया था।
किसानों ने बताया कि यह जंगली हाथी कई दिनों से किसानों के खेतों में पहुंच रहा है जिससे किसानों की फसलों का नुकसान हो रहा है। किसानों ने वन्य प्राणी विभाग से जंगली हाथी को जंगल की तरफ भेजने और उनकी फसलों की सुरक्षा की मांग की है। वन्य प्राणी विभाग के जिला निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि जंगली जानवर दिखाई देने पर उस पर हमला न करें नहीं तो वह घातक हो सकता है।
विभागीय कर्मचारियों का पूरा प्रयास है कि जंगली हाथी को जंगल की तरफ वापस भेजा जाए। उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि वे रात के समय अपने साथ लाठी, डंडे लेकर चलें और खेतों में आग जलाकर रखें। इससे जंगली हाथी खेतों की तरफ नहीं आएगा और रात को पहरा देने की अपील की है।