यमुना सिटी के सेक्टर-10 में बनेगा इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, केंद्र सरकार देगी वित्तीय मदद
450 करोड़ रुपये खर्च करेगा यीडा
02 साल में विकसित करने का है लक्ष्य
अतुल भारद्वाज
ग्रेटर नोएडा। इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली फैक्टरियों को एक ही जगह पर सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए यमुना सिटी के सेक्टर-10 में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) का विकास होगा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) इस पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च करेगा। अपनी ईएमसी 2.0 योजना में केंद्र सरकार इस क्लस्टर के विकास के लिए वित्तीय मदद कर रही है।
केंद्र व राज्य सरकारी की प्राथमिकता को देखते हुए यीडा ने क्लस्टर के विकास के लिए कंसल्टेंट के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है जो जरूरी सुविधाओं की डिजाइन तैयार करने के अलावा विकास कार्य पूरा कराएगा। अगले इसकी चयन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जीएम प्रोजेक्ट राजेंद्र भाटी के मुताबिक, करीब दो साल का समय इस क्लस्टर के विकास कार्य पूरे करने के लिए कंसल्टेंट को यीडा देगा। इसकी उच्चस्तरीय निगरानी भी कराई जाएगी जिससे तय समय के अंदर विकास कार्य पूरे कर कंपनियों को फैक्टरी का निर्माण शुरू करने के लिए भूखंड आवंटित किया जा सके।
ये होंगी सुविधाएं
इस क्लस्टर में सुविधाओं के रूप में प्लग एंड प्ले और फ्लैटेड फैक्टरी के विकल्प भी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद निर्माताओं को दिए जाएंगे। इसका फायदा होगा कि कंपनियों को नए उत्पाद बनाने की प्रक्रिया में न्यूनतम निवेश करना होगा। इसके अलावा विदेशी कंपनियों को भी निवेश के लिए आकर्षित करना है। केंद्र सरकार की 100 एफडीआई की नीति के आधार पर इस निवेश को अनुमति ईएमसी में यीडा दे सकेगा। इसके लिए भी कंसल्टेंट को काम करना होगा।
इनसेट-
206 एकड़ में बनेगा ईएमसी
इसका विकास करीब 206.4 एकड़ में किया जाएगा। यमुना प्राधिकरण ने इसके लिए जमीन आरक्षित कर दी है जिससे विकास कार्य जैसे सड़क, सीवरलाइन, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को विकसित किया जा सके। इसके अलावा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, कन्वेंशन सेंटर, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और हाॅस्टल भी यहां बनाए जाएंगे। इससे युवाओं को आवासीय और उत्पादन से जुड़ी बारीकियां सीखने की सुविधा यहां मिल सकेगी।
डिजिटल इंडिया मिशन को मिलेगी तेजी
ईएमसी के विकास से भारत के डिजिटल इंडिया मिशन को भी तेजी मिलेगी। इससे जहां विदेशों में यूपी के साथ शहर की धाक बनेगी। वहीं इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के डिजाइन और प्रोडक्शन दोनों में घरेलू मौजूदगी को बेहतर किया जा सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि ईएमसी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।