स्काईवॉक से जुड़ेेंगे इलेक्ट्रानिक सिटी मेट्रो स्टेशन और मॉडल टाउन गोल चक्कर
नोएडा। सेक्टर-63 का इलेक्ट्रानिक सिटी मेट्रो स्टेशन और मॉडल टाउन टाउन गोल चक्कर स्काईवॉक से जुड़ेगा। गाजियाबाद की ओर से स्काईवॉक बनाने की मांग हो रही है। अब नोएडा प्राधिकरण का वर्क सर्किल 4 प्रस्ताव बनाकर अगले सप्ताह सीईओ रितु माहेश्वरी को भेजेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्राधिकरण को स्काईवॉक बनाने का एक प्रस्ताव काफी पहले भेजा था। एनएचएआई ने बताया था कि स्काईवॉक मेरठ एक्सप्रेसवे पर बने एफओबी से जुड़ जाएगा, लेकिन वर्तमान प्रस्ताव उक्त एफओबी से जोड़ने का नहीं है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि पिछले प्रस्ताव में मेरठ एक्सप्रेसवे पर स्थित एफओबी का लोकेशन मेट्रो ट्रैक के बगल में रखा गया था। अब एनएचएआई ने एफओबी को उस लोकेशन से दूर बनाया है। लिहाजा वहां तक स्काईवॉक ले जाना काफी मुश्किल है। दूरी काफी ज्यादा हो रही है। दूसरी ओर गाजियाबाद के तरफ से भी डिमांड बढ़ी कि यहां पर एक स्काईवॉक ऐसा बनाया जाए जो कि मेट्रो के यात्रियों के लिए सुविधाजनक हो। सीधे मेट्रो स्टेशन से नोएडा गोल चक्कर के पास यात्री उतर सकें। नोएडा के निवासियों की भी यही मांग है। सेक्टर-63 और सेक्टर-62 में हजारों की संख्या में लोग रोजाना आते हैं और नौकरीपेशा वाले लोग कंपनियों में जाते हैं।
200 मीटर लंबा होगा स्काई वॉक
इलेक्ट्रानिक सिटी मेट्रो स्टेशन से मॉडल टाउन गोल चक्कर तक प्रस्तावित स्काईवॉक करीब 200 मीटर लंबा होगा। यह मेट्रो स्टेशन की एफओबी से जुड़ा होगा और सीधे मॉडल टाउन गोल चक्कर पर स्थित नोएडा प्राधिकरण के शौचालय के पास उतरेगा। हालांकि प्राधिकरण की टीम की ओर से स्काईवॉक को उतारने के लोकेशन की समीक्षा की जाएगी। यहां सीआईएसएफ कट के अंडर पास से एक सड़क भी एनएचएआई ने बनाई है।
आगे चलकर मेरठ एक्सप्रेसवे के एफओबी से जुड़ेगा
अधिकारियों का कहना है कि मॉडल टाउन गोल चक्कर तक स्काईवॉक को लाने के बाद भविष्य में इसे मेरठ एक्सप्रेसवे के एफओबी से जोड़ने पर सोचा जा सकता है। हालांकि गाजियाबाद की ओर से आने वाले लोग मेरठ एक्सप्रेसवे पर बने एफओबी के सहारे नोएडा की ओर उतर सकते हैं। थोड़ा सा पैदल चलना होगा। फिर मॉडल टाउन गोल चक्कर के पास आकर वह स्काईवॉक के सहारे सीधे इलेक्ट्रानिक सिटी मेट्रो स्टेशन में जा सकेंगे।
प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद बनेगा एस्टिमेट
अधिकारियों का कहना है कि अगले सप्ताह प्रस्ताव सीईओ को भेजा जाएगा। अगर सीईओ की तरफ से संस्तुति दी जाती है तो फिर एस्टिमेट बनाने का काम होगा। उससे पहले एक सर्वे होगा। सर्वे के आधार पर एस्टिमेट बनाकर टेंडर निकाला जाएगा।
अगले सप्ताह सीईओ को प्रस्तावित स्काईवॉक का प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। प्रस्ताव पर संस्तुति मिलने के बाद ही इसका काम शुरू हो पाएगा। गाजियाबाद के काउंसलर के तरफ से इसकी मांग की गई है।
अरुण कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक, वर्क सर्किल 4, नोएडा प्राधिकरण