सड़क, ड्रेनेज, हॉर्टिकल्चर और सफाई से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां मिलीं
55 किमी लंबा है रिंग रोड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी की धड़कन कहे जाने वाले 55 किमी लंबे रिंग रोड की स्थिति सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बड़ा कदम उठाया है। रिंग रोड को आठ हिस्सों में बांटकर हर हिस्से की देखरेख के लिए अलग-अलग अफसर तैनात किए गए हैं। इन अधिकारियों पर सड़क, ड्रेनेज, हॉर्टिकल्चर और सफाई से जुड़ी सभी जिम्मेदारियों की निगरानी रहेगी। रिंग रोड की प्रभावी निगरानी और समय से मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पीडब्ल्यूडी के आदेश के मुताबिक, हर सेक्शन का नियंत्रक अधिकारी नियुक्त किया गया है जो उस हिस्से में नियमित निरीक्षण करेगा। सड़क की मरम्मत, फुटपाथ और सेंट्रल वर्ज का रखरखाव, नालों व कल्वर्ट्स की सफाई, पौधरोपण और हरियाली की देखभाल अब उन्हीं की जिम्मेदारी होगी। साथ ही, साइन बोर्ड, लाइटिंग और सफाई व्यवस्था की निगरानी भी इन्हें करनी होगी। दिल्ली सरकार ने सभी नियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की 15 दिनों में एक बार विस्तृत रिपोर्ट दें और खराबियों को तुरंत दूर करें। साथ ही, सेवा पखवाड़ा के दौरान रोजाना निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया है।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि अन्य विभागों और निकायों जैसे नगर निगम, यातायात पुलिस आदि से समन्वय बनाकर काम किया जाए ताकि कहीं भी लापरवाही या देरी न हो। दिल्ली सरकार का कहना है कि इस कदम से रिंग रोड की स्थिति में बड़ा सुधार होगा। रोजाना लाखों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं और इसकी देखभाल से न सिर्फ सफर सुगम होगा बल्कि सड़क सुरक्षा और सफाई व्यवस्था भी बेहतर होगी।
यह काम होंगे
-सड़क, फुटपाथ और सेंट्रल वर्ज का रखरखाव।
-नाले, कल्वर्ट और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई।
-पौधरोपण और हरियाली की देखभाल।
-सुरक्षा, साइन बोर्ड, लाइटिंग और सफाई व्यवस्था की निगरानी।
- सेवा पखवाड़ा के दौरान रोजाना निरीक्षण।