परमार्थ निकेतन के गंगा घाट पर आयोजित सांध्यकालीन गंगा आरती में प्रतिभाग करते डीएसबी स्कूल और जर
परमार्थ निकेतन में डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल श्यामपुर और जर्मनी के छात्रों का दल पहुंचा। छात्रों के दल ने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। परमार्थ निकेतन घाट पर आयोजित सांध्यकालीन गंगा आरती में प्रतिभाग किया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि शिक्षा केवल जानकारी नहीं देती, वह जीवन को दिशा भी देती है। शिक्षा के साथ विद्या आवश्यक है, जो विनम्र, संवेदनशील और जागरूक बनाती है। शिक्षा सफल बनाती है पर विद्या सार्थक बनाती है। आज का समय डिजिटल युग है ऐसे में सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक रूप में किया जाना चाहिए।
उन्होंने छात्रों से कहा कि सोशल मीडिया पर जाना अच्छी बात है लेकिन उस पर इतना समय व्यतीत न करें कि आपको उसके अलावा कुछ और दिखाई न दें। वह लत न बनें। अपने समय का सदुपयोग करें, मोबाइल फास्टिंग और डिजिटल डिटॉक्स अपनाएं।
कहा कि जीवन के तीन आयाम हैं। आहार, विहार और व्यवहार। शुद्ध आहार, शुद्ध विचार और सरल व्यवहार यही है जीवन का आधार। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अपने खानपान, जीवनशैली और व्यवहार में सादगी, संवेदना और सत्यता लाएं।
साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि जीवन में सबसे बड़ी उपलब्धि अपने भीतर के सत्य को पहचानना है। आज का युग चुनौतियों का युग है पर भीतर की शांति, स्थिरता और करुणा से हम हर चुनौती का समाधान पा सकते हैं। उसके बाद गंगा आरती में गंगा तट पर दीपों की लौ, मंत्रों की ध्वनि और श्रद्धा की तरंगों ने वातावरण को पवित्र बना दिया। सभी छात्रों को अद्भुत आनंद की अनुभूति हुई।