नोएडा। एमरॉल्ड कोर्ट सेक्टर-93ए स्थित 32 मंजिला ट्विन टावर को गिराए जाने के लिए उसमें विभिन्न प्वाइंट पर विस्फोटक लगाए जाएंगे। दक्षिण अफ्रीका के 6-7 इंजीनियर और विशेषज्ञों की टीम 25 दिनों तक नोएडा में रहकर पूरी व्यवस्था देखेगी। इमारत ध्वस्तीकरण करने वाली एडिफिस कंपनी इन विशेषज्ञों को बुलाने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि वीजा आदि की औपचारिकता के बाद मार्च के दूसरे सप्ताह तक विशेषज्ञों की टीम नोएडा आकर ट्विन टावर में विस्फोटक लगाए जाने का काम संभाल सकती है।
दक्षिण अफ्रीका की जिस कंपनी से यह इंजीनियर और विशेषज्ञ नोएडा आएंगे, वह एडिफिस की सहयोगी कंपनी है। प्राधिकरण के फाइनल किए जाने के बाद सुपरटेक बिल्डर ने मुंबई की एडिफिस कंपनी के साथ करार किया है। बिल्डर कंपनी ने अब विस्फोटकों के भंडारण, परिवहन और उसके उपयोग के लिए पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण एंजेंसी व यातायात डायवर्जन योजनाओं के लिए दस विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए आवेदन किया था। इनमें से अब सिर्फ विस्फोटक के भंडारण, परिवहन आदि की एनओसी ही बाकी है। यह एनओसी पुलिस को देनी है। माना जा रहा है कि आगामी सप्ताह में पुलिस द्वारा एडिफिस कंपनी को यह एनओसी जारी कर दी जाएगी।
पिछले दिनों नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में तय किया गया था कि एडिफिस एजेंसी 20 फरवरी से ट्विन टावर ध्वस्तीकरण के लिए काम शुरू कर देगी। एजेंसी अब जल्द ही टावर तोड़ने के लिए जरूरी सामान मौके पर पहुंचाने की शुरुआत करेगी। इसके बाद एडिफिस की साउथ अफ्रीका स्थित सहयोगी कंपनी के विशेषज्ञ यहां पहुंचेंगे। उन्हीं की देखरेख में विस्फोटक लगाए जाने का काम किया जाना है। विस्फोटक इस प्रकार लगाए जाने हैं जिससे धमाके के बाद ट्विन टावर एक ही दिशा में किसी पानी के झरने की तरह ऊपर से नीचे आ गिरे।