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ई-वाहन : दाम हो कम और बढ़ जाए दम..तब बनेगी बात

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ऑटो एक्सपो में खड़े दोपहिया ई वाहन। - फोटो : Grnoida
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ई-वाहन : दाम हो कम और बढ़ जाए दम..तब बनेगी बात
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ग्रेटर नोएडा। साल दर साल प्रदूषण की बढ़ती समस्या को कम करने के लिए ई-वाहन बड़ी उम्मीद माने जा रहे हैं। वहीं, कंपनियां भी इसमें पेट्रोल से काफी कम खर्च का दावा कर रहीं हैं। यही कारण है कि इस बार ऑटो एक्सपो में इलेक्ट्रिक वाहनों की भरमार है। कई कंपनियां दोपहिया वाहनों की बढ़ी रेंज लेकर आईं हैं। इनमें हर तबके लिए वाहन हैं। इनका निजी और व्यावसायिक इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसके बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों की अपेक्षा आज भी लोग पेट्रोल और डीजल वाहनों को खरीदने मेें अधिक दिलचस्पी दिखाते हैं। पहली नजर में इलेक्ट्रिक वाहनों को देखकर लोग तारीफ तो करते हैं। लेकिन, खरीदते समय ई-वाहनों की अनदेखी क्यों करते हैं। इस सवाल का जवाब हासिल करने के लिए अमर उजाला संवाददाता जेपी शर्मा ने लोगों और कंपनी के अधिकारियों से बात की तो अधिकतर का एक जवाब मिला कि ई-वाहनों के दाम कम होने चाहिए। वहीं, वाहनों में पेट्रोल और डीजल गाड़ियों जैसी दम भी होनी चाहिए, तभी बात बन पाएगी।
देश में नहीं ई-वाहनों की पूरी तैयारी
नोएडा के सेक्टर-74 से ऑटो एक्सपो में आए प्रवीण निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। वह एक पवेलियन पर खड़े होकर ई-वाहन निहार रहे थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन प्रदूषण रोकते हैं और इनका खर्च भी कम बताया जाता है। इसलिए इन्हें हर कोई खरीदना चाहता है, लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि इन वाहनों के लिए देश में अभी पूरी तैयारी नहीं है तो वह हिचकिचाने लगते हैं। देश में चार्जिंग स्टेशन नहीं हैं। वहीं, इसकी अधिकांश मशीनरी विदेशी रहती है। ऐसे में इसके खराब होने का डर अधिक रहता है।
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कीमत अधिक और दम भी है कम, सरकार दे सब्सिडी
गाजियाबाद के मरियम नगर निवासी विनय शर्मा हुंडई कंपनी में स्पेयर पार्ट्स प्रबंधक हैं। विनय मानते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन की कीमत अधिक है और इनकी बॉडी आदि में दम भी कम है। इसलिए लोग प्रदूषण की समस्या और कम खर्च आदि को अनदेखा कर पेट्रोल-डीजल के वाहन खरीद लेते हैं। विनय कहते हैं कि ई-वाहन प्रदूषण की समस्या से निजात दिलाते हैं तो निजी वाहनों पर सरकार को सब्सिडी देनी चाहिए। ताकि इसके दाम कम हो सकें। वहीं, कंपनी को इनकी ताकत और बढ़ानी चाहिए।
मुझे पसंद लेकिन खरीदेंगे मम्मी-पापा
बीटेक की छात्रा कनक ई-दोपहिया वाहनों को निहार रहीं थीं। वह इन्हें देखकर काफी प्रसन्न थीं। उनका कहना है कि उन्हें ई-दोपहिया वाहन काफी पसंद आए हैं लेकिन इसे नहीं खरीदना। उनके मम्मी-पापा को अगर ये पसंद आएगी तो वह जरूर खरीदेंगे।
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दो-तीन साल में वसूल हो जाती है कीमत
ऑटो एक्सपो में दोपहिया वाहन में स्कूल से लेकर व्यावसायिक प्रयोग के वाहनों की बड़ी रेंज पेश करने वाली कंपनी ईवी के डीजीएम हर्ष का कहना है कि ई-दोपहिया वाहन का खर्च 18 पैसे प्रति किमी आता है। जबकि अन्य दोपहिया वाहन का खर्च तीन रुपये प्रति किमी से अधिक बैठता है। इस हिसाब से ई-दोपहिया दो-तीन साल में पूरी कीमत वसूल करा देता है। वहीं, उनके वाहन की 5 साल और बैटरी की 3 साल की वारंटी है। कंपनी ने पिछले तीन माह में लगभग 1200 वाहनों की बिक्री की है।
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