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Noida News: ई-साइकिल परियोजना जंजीर और ताले में कैद, होर्डिंग से मुनाफे की सवारी कर रही एजेंसी

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नोएडा प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल की गड़बड़ी आई सामने, जांच समिति गठित
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दो साल पहले शुरू हुई ई-साइकिल परियोजना कभी जंजीर और ताले की कैद से निकलकर सड़क पर नहीं आई। इसे चलाने वाली एजेंसी मुनाफे की सवारी भी कर रही है। ठप परियोजना और होर्डिंग खूब कमाई की इस रेस में नोएडा प्राधिकरण का ट्रैफिक सेल की गड़बड़ी सामने आई है। एजेंसी को मुनाफा पहुंचाने के लिए होर्डिंग के मानक तक बदल दिए गए।
परियोजना के रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) के मुताबिक, इसके लिए हुए एग्रीमेंट के बाद एक और एग्रीमेंट बनाया गया। इसके जरिये एजेंसी को नियम व मानक को दरकिनार कर दो गुनी बड़ी प्रचार होर्डिंग्स लगवाने की मंजूरी दे दी गई। इसके बाद एजेंसी ने बड़ी-बड़ी होर्डिंग लगवा दी। अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी को 50 वर्ग फीट में प्रचार का अधिकार प्रति साइकिल स्टैंड दिया गया था। यूनिपोल लगाकर होर्डिंग्स लगाए जाना भी स्पष्ट नहीं था।
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नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि एजेंसी को प्रचार अधिकार दिए जाने के दो एग्रीमेंट सामने आए हैं। दूसरा एग्रीमेंट किसने बनाया और क्या बदलाव किए गए इसके लिए ओएसडी महेंद्र प्रसाद, एसीईओ सतीश पाल, जीएम आरपी सिंह की जांच समिति बनाई गई है। समिति जांच कर रही है। एसीईओ ने बताया कि ट्रैफिक सेल को नोटिस जारी कर जवाब व पक्ष मांगा गया है। इसके साथ ही होर्डिंग्स हटवाने और ई-साइकिल का संचालन न होने पर एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
ई-साइकिल परियोजना
ई-साइकिल परियोजना 17 अप्रैल 2023 को शुरू हुई थी। 21 स्टैंड से साइकिल सुविधा शुरू करवाने का दावा किया गया था। इसके बाद 10 दिन में सुविधा 31 स्टैंड से शुरू हो जानी थी। पहले 21 स्टैंड से ही ई-साइकिल का संचालन नहीं शुरू हो पाया। 31 स्टैंड तक साइकिलें भी नहीं पहुंचीं। ट्रैफिक सेल ने 31 और स्टैंड फिर उसी एजेंसी को सौंप दिए। मौजूदा स्थिति यह है कि कुछ स्टैंड पर ही साइकिलें हैं उनमें ताला लगाने के साथ पहियों को जंजीर में जकड़ा गया है। ई-साइकिल योजना का डीजीएम से लेकर उच्च अधिकारी तक ने कभी निरीक्षण नहीं किया है।

नोएडा प्राधिकरण की ई-साइकिल परियोजना 2022 की है। प्राधिकरण ने 62 साइकिल स्टैंड दो करोड़ रुपये की लागत से बनवाए थे। परियोजना का मॉडल था कि इन स्टैंड पर ई-साइकिल जो एजेंसी लाकर चलाएगी वह निर्धारित किराया लेगी। फिर भी एजेंसी को आर्थिक नुकसान न हो इसके लिए प्राधिकरण ने प्रचार से कमाई का अधिकार भी दिया था।

91 पेज के आरएफपी के पेज नंबर-15 पर मानक निर्धारित करते हुए कहा गया था कि ई-साइकिल स्टैंड का 25 प्रतिशत क्षेत्र अधिकतम 50 वर्ग फुट की जगह पर प्रचार का अधिकार दिया जाएगा। आरएफपी के हिसाब से पहला एग्रीमेंट 30 सितंबर 2022 को नोएडा प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल के डीजीएम एस पी सिंह और एजेंसी टर्बन मोबिलिटी के बीच हुआ।
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यहां लगी हैं होर्डिंग
गड़बड़ी सामने आने के बाद नोएडा ट्रैफिक सेल में हड़कंप है। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को दूसरा एग्रीमेंट मिल गया। फाइल की नोटिंग में किया गया बदलाव जिम्मेदारों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। ये होर्डिंग्स सेक्टर-16 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-18 मार्केट के बाहर फुटपाथ पर, मार्केट के अंदर, सेक्टर-28, सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-28, सेक्टर-77 समेत अन्य साइकिल स्टैंड के पास लगवाई गई हैं।
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