: शामली के 7338 किसान दबाए बैठे हैं 46 करोड़ रुपये, सहकारी बैंकों ने शुरू की कुर्की की तैयारी
- बार-बार नोटिस के बाद भी नहीं चुकाया कर्ज
- 15 सचिवों को भी नोटिस जारी, जिलेभर में चल रहा वसूली अभियान
शामली। जिले में सहकारी बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है। 7338 किसानों पर कुल 46.05 करोड़ रुपये का बकाया है और बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद जब भुगतान नहीं किया गया, तो अब कुर्की की कार्रवाई का बिगुल बज चुका है।
सहकारिता विभाग ने एक लाख रुपये से अधिक बकाया रखने वाले 1000 किसानों की सूची तैयार कर ली है, जिनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। साथ ही, लापरवाही बरतने पर 15 सचिवों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिले के शामली, ऊन, थानाभवन, कैराना और कांधला ब्लॉक की 28 सहकारी समितियों से हर साल हजारों किसान फसल ऋण लेते हैं। लेकिन जब भुगतान की बारी आती है, तो ये किसान सरकारी कर्जमाफी की उम्मीद में चुपचाप बैठे रहते हैं। परिणामस्वरूप, बकाया हर साल बढ़ता जा रहा है। अब सहकारिता विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार किसी को राहत नहीं मिलेगी। विभाग ने सभी पांच ब्लॉकों में पांच वसूली टीमें तैनात की हैं जो घर-घर जाकर डिफॉल्टर किसानों को नोटिस थमा रही हैं।
एआर कोऑपरेटिव शुभम ने बताया कि जनपद की सहकारी समितियों ने अब तक 99.5% बैंक डिमांड की वसूली कर ली है, लेकिन 46 करोड़ रुपये का बकाया अभी भी बाकी है। अब समय आ गया है कि जो किसान भुगतान नहीं कर रहे, उनके खिलाफ कुर्की की सीधी कार्रवाई की जाए। शामली के अलावा कैराना, कांधला, जलालाबाद के सचिवों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
- 31 अगस्त तक चलेगा विशेष वसूली अभियान
सहकारिता विभाग ने 31 अगस्त तक विशेष वसूली अभियान चलाने की घोषणा की है। इस दौरान जिन किसानों पर बकाया एक लाख से अधिक है, उनके खिलाफ राजस्व की तर्ज पर जब्ती की कार्यवाही की जाएगी।
- किसान बोले : हालात खराब हैं, सरकार राहत दे
फसलें बर्बाद हो रही हैं, लागत भी नहीं निकल पा रही। ब्याज माफी की योजना आनी चाहिए। - यामीन खान, किसान, लिलौन
सालों से कर्ज माफी की आस में बैठे हैं, मगर सरकार कोई ठोस राहत नहीं दे रही। सरकार को ब्याज माफ करना चाहिए। - कालिंदर मलिक, जिलाध्यक्ष, भाकियू (अराजनीतिक)
फैक्ट फाइल
बकायेदार किसान : 7338
कुल बकाया : 46.05 करोड़
एक लाख से ऊपर के बकायेदार : 1000
50 हजार से अधिक बकायेदार : 1500
सहकारी समितियां : 28
वसूली टीमें सक्रिय : 5
अभियान की अवधि : 31 अगस्त तक
नोटिस जारी सचिवों को : 15