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Noida News: बसें न होने से तीन गुना किराया देकर यात्रा करने को मजबूर यात्री

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30 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए तीन से चार ऑटो बदलते हैं यात्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। दादरी-नोएडा रूट पर रोडवेज और निजी बसें नहीं होने पर दैनिक यात्री तीन गुना किराया देकर यात्रा करने पर मजबूर है। 30 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए तीन से चार ऑटो बदलने पड़ते है। यात्रियों को रोजाना डेढ़ से दो घंटे का अधिक समय लगता है। दैनिक यात्रियों और व्यापारियों ने प्रशासन से रोडवेज बसें चलाने की मांग की है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सृजन होने से पहले दादरी से दिल्ली के बीच केवल यह सड़क थी। इस सड़क पर दादरी से सूरजपुर, कुलेसरा, भंगेल, अटटा, नया बांस गांव के लिए निजी बसें चलती थी। इस रूट पर सवा सौ से लेकर डेढ़ सौ बसों को संचालन होता था। नोएडा का सजृन होने के बाद दादरी से नोएडा के बीच इन बसों को संचालन होता रहा। उस दौरान दादरी से सेक्टर-6 नोएडा के लिए बस का किराया दस रुपया था। समय के साथ इस रूट पर यात्रियों की संख्या तो बढ़ती गई लेकिन रोडवेज की बसें न के बराबर रही। वहीं, दूसरी ओर इस रूट पर निजी बसों का संचालन धीरे-धरे कम होता गया। हालात यह है कि अब एक भी निजी बस रूट पर संचालित नहीं हो रही है। रूट पर केवल रोडवेज की एक बस सवेरे नोएडा से दादरी जाती है। इसके बाद कोई बस नहीं चलती है। यात्री केवल ऑटो पर निर्भर है।
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दादरी तिराहे और स्टेशन से जाते है हजारों की संख्या में यात्री
दादरी तिराहे और रेलवे स्टेशन से सवेरे से ही दैनिक यात्रियों समेत लोगों का भारी संख्या में आना जाना होता है। बसें नहीं होने के कारण ऑटो ही एक मात्र सहारा है। दादरी से सूरजपुर के लिए 20 रुपये किराये पर जाते है। उसके बाद सूरजपुर से फेस-टू के लिए 20 रुपया किराया देना होता है। फेस-टू से सेक्टर-37 तक के 20 रुपये और सेक्टर-37 से सेक्टर-6 के लिए 20 रुपये किराया देना होता है। नोएडा से दादरी के बीच का किराया केवल 40 रुपये निर्धारित है जबकि ऑटो से 80 रुपये किराया खर्च होता है।

भंगेल में निर्माण के कारण बंद हुआ बसों को संचालन
भंगेल में जाम से लोगों को निजात दिलाने के लिए भंगेल एलिवेटिड रोड के निर्माण के कारण यातायात डायवर्ट कर दिया था। बसों का संचालन बंद हो गया। फिलहाल एक भी बस इस रूट पर नहीं है।

दादरी से नोएडा जाने के लिए बस नहीं होने पर ऑटो से जाना होता है। अधिक किराये के साथ ही यात्रा करना जोखिम भरा होता है। गजेंद्र गोयल, व्यापारी नेता
हर रोज आने-जाने वालों के लिए रोडवेज बसें नहीं होने से मासिक पास का इस्तेमाल करने से वंचित है। अधिक किराये के कारण वेतन का अधिकांश हिस्सा खर्च हो रहा है। -हर्ष शर्मा, दैनिक यात्री
कई बार दादरी से नोएडा के बीच रोडवेज की नियमित रूप से बसें चलाने की मांग की गई है। रोडवेज के अधिकारी चुप्पी साधे है। -डॉ. आनंद, आर्य प्रतिनिधि सभा के जिला उपाध्यक्ष
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लोकल रूटों पर चलने के लिए विभाग से मिनी बसें मिली है। इस रूट पर दो बसें चलाई जाएंगी। उनके परमिट समेत अन्य प्रक्रिया चल रही है। -अनिल कुमार शर्मा, एआरएम ग्रेटर नोएडा डिपो
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