-आधार कार्ड की कमी, दस्तावेजों में गड़बड़ी, बैंक खाता न होने से योजना के करीब 20 लाख रुपये स्वास्थ्य विभाग में अटके
माई सिटी रिपोर्टर
दस्तावेजों के अभाव में 1100 प्रसूताओं का जननी सुरक्षा योजना का भुगतान अटका
नोएडा। सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव के बाद दस्तावेज पूरे न होने के कारण करीब 1100 प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आधार कार्ड नहीं होने, दस्तावेजों में गड़बड़ी और बैंक खाता न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग में योजना के करीब 20 लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ है। योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन नहीं होने से गौतमबुद्ध नगर की रैंकिंग भी प्रभावित हुई है।
मंगलवार को जिला अस्पताल प्रबंधन ने योजना का लाभ दिलाने के लिए चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के साथ बैठक की। सीएमएस डॉ. अशोक कुमार झा ने निर्देश दिए कि जिन महिलाओं का बैंक खाता नहीं है, उन्हें पति के खाते में नाम जुड़वाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। आधार कार्ड या अन्य दस्तावेजों में कमी वाली प्रसूताओं को 10 दिन में कागजात पूरे करने के लिए कहा गया है।
प्रदेश सरकार की जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र की प्रसूता को 1000 रुपये की सहायता राशि बैंक खाते में दी जाती है। इसके भुगतान का रिकॉर्ड शासन को भेजा जाता है, जिसके आधार पर जिलों की रैंकिंग तय होती है।
रिपोर्ट के अनुसार जिला अस्पताल की 416, जिम्स की 458 और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की करीब 200 प्रसूताओं का भुगतान लंबित है। इनमें बड़ी संख्या प्रवासी और किरायेदार महिलाओं की है। अस्पताल स्टाफ ने बैंक प्रबंधकों से संपर्क कर खाते खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन आवश्यक दस्तावेज नहीं होने पर बैंक ने खाता खोलने से इनकार कर दिया।
जननी सुरक्षा योजना का शत-प्रतिशत भुगतान कराने के लिए स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं को बैंक खाते खुलवाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। -डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, सीएमओ, गौतमबुद्ध नगर