- शॉर्टकट के कारण हर दिन दर्जनों लोग गांव के ऊबड़-खाबड़ कच्चे रास्ते से निकालते हैं वाहन
- यूपी की तरफ नहीं पूरा हुआ है मंझावली पुल का रास्ता
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। दनकौर में फरीदाबाद के मैनेजर की मौत के बाद भी प्रशासन ने घटना स्थल के आसपास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। मंगलवार को भी लोग अपने दो पहिया और चार पहिया वाहनों से इस रास्ते से होकर गुजरते रहे। ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद और फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा जाने वाले लोग शॉर्ट कट के कारण इस रास्ते को चुनते हैं, जो कभी भी हादसे कारण बन सकता है। सोमवार को फरीदाबाद के मैनेजर की भी बाइक गिरने के कारण मौत हो गई थी।
फरीदाबाद के एनआईटी-1 के रहने वाले अतुल कुमार (45) आई केयर अस्पताल में मैनेजर थे। रविवार की देर रात को वह मंझावली पुल होते हुए फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा की ओर जा रहे थे। पुल के आगे सड़क निर्माण कार्य अभी अधूरा है। रात के अंधेरे में उन्हें यह अंदाजा नहीं हो सका कि आगे रास्ता समाप्त हो चुका है। उनकी बाइक सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरी थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सोमवार सुबह दनकौर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हर दिन गुजरते हैं दर्जनोें वाहन :फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा आने-जाने के लिए तैयार किया गया यह मार्ग हरियाणा सरकार और यूपी सरकार दोनों का संयुक्त प्रोजेक्ट था। हरियाणा सरकार ने मंझावली पुल तक अपनी तरफ का काम पूरा कर दिया है। लेकिन महीनों बीतने के बाद भी यूपी की ओर का काम शुरू नहीं हो पाया है। मंझावली पुल से लगभग 4 किलोमीटर का मार्ग आकर सीधा एक्सप्रेसवे के पास मिलेगा। लेकिन जिन खेतों से होकर यह मार्ग गुजर रहा है, वहां कुछ किसानों की आपत्ति की वजह से यह काम शुरू नहीं हो पाया है।
अत्यधिक खून बहने से हुई मैनेजर की मौत : फरीदाबाद निवासी अस्पताल मैनेजर अतुल कुमार जोशी की मौत अत्यधिक खून बहने के कारण हुई थी। उनके गर्दन के पास की हड्डी भी टूट गई थी। मंगलवार आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कि हादसे के दौरान हेलमेट के शीशे का हिस्सा उनकी नाक पर लग गया था। इससे नाक से लगातार खून बहता रहा। सारी रात वह वहीं फंसे रहे और काफी मात्रा में खून निकल जाने के कारण उनकी मौत हो गई। वहीं दनकौर कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।