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Noida News: .ताकि न भरनी पड़े स्कूल-कॉलेज की महंगी फीस, इलाज में न डूबे जीवनभर की कमाई

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(रीडर्स फीडबैक की खबर)
-निर्धन जैन परिवारों के उत्थान के लिए सुविधाएं देने की मांग
-वैश्य समाज को अग्रसेन भवन, सिखों को गुरुद्वारे, लेकिन जैन समाज के हाथ खाली
-जैन समुदाय ने रखी अल्पसंख्यक होने के नाते सुविधाएं देने की मांग

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बढ़ती महंगाई, महंगी होती स्कूल-कॉलेज की फीस, इलाज के लिए अस्पतालों में डूबती जीवनभर की कमाई को कुछ हद तक थामने के लिए शहर में जैन समुदाय के निर्धन परिवारों के उत्थान को लेकर समुदाय के लोगों ने आवाज उठाई है। उनकी मांग है कि अल्पसंख्यक होने के नाते उन्हें शहर में बच्चों के लिए स्कूल-आवासीय पीजी, मर्ज के लिए चैरिटेबल अस्पताल और बच्चों के लिए स्कॉलरशिप में प्राथमिकता मिले।

सेक्टर 50 स्थित जैन मंदिर के प्रबंधन में शामिल दिनेश जैन ने कहा कि जैन समुदाय अल्पसंख्यक है। बावजूद इसके उनके बच्चों को स्कॉलरशिप नहीं मिलती है। समुदाय के बच्चे जब शहर में पढ़ाई लिखाई या किसी एग्जाम को देने से लेकर नौकरी के लिए आते हैं तो उनके ठहरने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। आमतौर पर समुदाय के लोग शुद्ध शाकाहारी हाेते हैं। ऐसे में आजकल के बाहरी खान पान की दुकानों रेस्तरां में उन्हें उचित व्यवस्था नहीं मिल पाती है। इसी तरह निर्धन परिवारों के बच्चों की पढ़ाई लिखाई बेहतर करने के लिए स्कूल-कॉलेज खुलें। उनका कहना है कि जिस तरह वैश्य समाज के लिए प्रशासन से अग्रसेन भवन मिला। गुरुद्वारों में ठहरने के लिए उचित व्यवस्था है। उसी तरह ही यदि जैन समुदाय के लिए भी कोई आवासीय स्थल मिल जाए, तो बाहर से आने वाले समुदाय के लोगों के लिए बड़ी राहत मिल सकेगी।
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प्रशासन से अल्पसंख्यक समाज को बढ़ावा देने की मांग : जैन समुदाय के लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि इन सभी के लिए शहर में जगह भी दे दे तो वहां निर्माण से लेकर संचालन तक का भार संभालने के लिए जैन समाज तैयार है। असल में नोएडा जैसे इलाके में जमीन मिलने में ही उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है।
अब समझें क्या हैं मांगें
-शिक्षा के लिए स्कूल
-मर्ज के लिए चैरिटेबल अस्पताल
-बाहरी छात्रों के लिए आवासीय पीजी
-शुद्ध आहार के लिए आहार शाला
-छोटे बड़े कार्यक्रम के लिए अग्रसेन भवन की तरह जैन भवन बने।


हम चाहते हैं अल्पसंख्यक होने के नाते समुदाय के परिवारों को मूलभूत सुविधाएं किफायती या नि:शुल्क रूप से मिल सकें, इसमें सरकार उनका साथ दे। -दिनेश जैन, सचिव विश्व जैन संगठन
समुदाय को जरूरत है सिर्फ जमीन की, बाकी आगे के लिए हम मिलकर उसे निर्मित और संचालन कर लेेंगे, आजकल स्कूल-कॉलेज की महंगी फीस से उन्हें बचा सकेंगे।

-केके जैन, अध्यक्ष, विश्व जैन संगठन

आजकल अस्पतालों में इलाज कराना इतना महंगा हो गया है कि सिर्फ हफ्तेभर में ही लोगों के जीवन की गाढ़ी कमाई खर्च हो जाती है, उससे बचने के लिए चैरिटेबल अस्पताल जरूरी है। -डॉ. आरती बोथरा कोचर
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समुदाय से जुड़े कई बच्चे अक्सर शहर में आकर स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई करते हैं, नौकरी या एग्जाम के लिए आते हैं, लेकिन उनके ठहरने के लिए कोई पीजी नहीं है। -मनीष जैन, सेक्टर 61 निवासी
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