माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फर्जी कॉल सेंटर चलाकर बेरोजगार युवाओं को नामी एविएशन कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी अजय की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
पुलिस के अनुसार वादी विनोद कुमार यादव की तहरीर पर 9 जुलाई 2026 को थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तहरीर के मुताबिक 8 जुलाई 2026 को पुलिस टीम मुखबिर की सूचना पर सेक्टर-22 नोएडा पहुंची थी। जहां जानकारी मिली कि लैम्बोडार इंस्टीट्यूट के नाम से पैरामेडिकल संस्थान की आड़ में एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित हो रहा है। आरोप है कि इस कॉल सेंटर के जरिए विभिन्न नामी एविएशन कंपनियों के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र, ऑफर लेटर और एडमिशन कन्फर्मेशन तैयार कर बेरोजगार अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम वसूली जाती थी। पुलिस टीम ने साकिब, मोहम्मद अफरोज, सुमित गुप्ता, आमिर और आकाश उर्फ अमन को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे डॉ. अजय के निर्देशन में गूगल विज्ञापनों के जरिए लोगों का डेटा हासिल कर फर्जी दस्तावेजों व कॉल के माध्यम से नौकरी का झांसा देकर धनराशि ठगते थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया।