सुविधा बनी सिरदर्द अभियान किस्त-2
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क्षमता से ज्यादा बैठाई जा रहीं सवारियां, हादसों का बना रहता है डर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। आवागमन के लिए सबसे सुगम माने जाने वाले ऑटो और ई-रिक्शा में सफर अब खतरनाक हो चुका है। अतिरिक्त कमाई के लिए चालक निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर फर्राटा भर रहे हैं। चालक आगे भी सवारी बैठा लेते हैं।
जिले मेंं बड़ा तबका ऐसा है जो रोजमर्रा की आवाजाही के लिए सार्वजनिक वाहनों पर निर्भर है। दिनभर ऑटो और ई रिक्शा सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। किफायती दाम होने के कारण काफी लोग इनमें सफर भी करते हैं लेकिन चालकों की लापरवाही सवारियों के लिए खतरा बन सकती है। ऑटो व ई-रिक्शा में सवारी बैठाने की क्षमता निर्धारित है लेकिन चालक ज्यादा लोगों बैठा लेते हैं। नियमों का उल्लंघन करने के संग सवारियों को भी खतरे में डाल देते हैं। आलम ऐसा हैै कि जानकारी होने के बाद भी जिम्मेदार अफसर इनपर शिकंजा नहीं कसते।
ऑटो में सफर के दौरान चालक चार से पांच सवारी बैठा लेते हैं, जिससे काफी परेशानी होती है। इससे हादसे का खतरा रहता है। -प्रज्ञा, सेक्टर-104
सवारी ज्यादा होने से बैठने में काफी दिक्कत होती है। जब भी ऑटो या ई-रिक्शा में सफर किया है उसमें सवारी क्षमता से ज्यादा रहीं। -आरती, सेक्टर-55