शाम 6 से सुबह 6 बजे तक माल पहुंचा देते हैं बस चालक और परिचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। डग्गामार बसों से न केवल रोडवेज को नुकसान और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है बल्कि करोड़ों की जीएसटी चोरी भी चल रही है। जीएसटी से बचने के लिए बसें अधिकतर दिन ढलने के बाद चलती हैं। शाम छह बजे के बाद और सुबह छह बजे के पहले माल पहुंचा दिया जाता है क्योंकि इस दौरान जांच कम होती है। अनुमान है कि करीब 200 से अधिक डग्गामार बसों के जरिए हर महीने लाखों रुपये की जीएसटी चोरी की जा रही है।
नोएडा एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा होते और यमुना एक्सप्रेसवे से हुए आगे ये बसें जाती हैं। इनमें यात्री कम माल अधिक होता है। बसों के अंदर, छत पर और आपातकालीन निकास द्वार के सामने तक बोरे, पेटियां और कार्टून लदे रहते हैं।
दिल्ली से मथुरा, अलीगढ़, हाथरस और आगरा जैसे शहरों के लिए ऑटोमोबाइल पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, निर्मित मशीनरी, रेडीमेड समेत दैनिक जरूरतों का सामान जाता है। पैकेज्ड फूड, इलेक्ट्रॉनिक्स और परिधान का भी वाहक ये बसे हैं।
सामान सुरक्षित पहुंचाने की गारंटी लेते हैं
इन बसों के चालक और परिचालक सीधे व्यापारियों से संपर्क कर बिना जीएसटी के सामान सुरक्षित पहुंचाने की गारंटी लेते हैं। इस पूरे नेटवर्क में न तो कोई दस्तावेज होता है और न ही कोई टैक्स भुगतान। पिछले माह मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस हादसे में भी बस के अंदर और छत पर भारी मात्रा में सामान भरा हुआ था। हादसे के बावजूद न तो परिवहन विभाग ने विशेष अभियान चलाया और न ही पुलिस ने सख्त चेकिंग व्यवस्था लागू की।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
एआरटीओ नोएडा उदय नारायण पांडेय का कहना है कि डग्गामार बसों की जांच की जा रही है। जो भी कमियां पाई जाएंगी उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जीएसटी गौतमबुद्ध नगर जोन के ज्वाइंट कमिश्नर संजय कुशवाहा का कहना है कि निजी यात्री बसों की लगातार जांच की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 79 बसों की जांच की गई है। उनमें माल भी पकड़ा गया है। इनमें 1.38 करोड़ रुपये का जुर्माना जमा कराया गया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।