नोएडा। गढ़ी चौखंडी गांव से ओला कैब बुक कर चार आरोपी कार से झांसी गए और चालक की हत्या कर शव को फेंक दिया। बदमाशों ने कार गाजियाबाद में बेच दी। 26 मई को हुई इस घटना का कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लूट की स्विफ्ट कार का इंजन बरामद किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एडीसीपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि झांसी के बबीना थाने में कैब चालक हरवेश हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। झांसी पुलिस की जांच में पता चला कि घटना नोएडा के फेज थ्री क्षेत्र में हुई थी। इसके बाद यह मामला नोएडा ट्रांसफर हो गया। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए सीपरी बाजार झांसी निवासी राहुल, आबिद खान, सोनू, शिवम, नंदग्राम गाजियाबाद निवासी सुदामा दत्त शर्मा व कैला भट्टा निवासी शमसुद्दीन और सुंदर नगरी दिल्ली निवासी मो. उम्मीद को गिरफ्तार कर लिया। आबिद, सोनू, शिवम और राहुल ने 26 मई को झांसी जाने के लिए ओला कैब बुक की थी। हरवेश स्विफ्ट डिजायर कार लेकर आया था। रास्त में हरवेश की चारों लोगों ने हत्या कर दी और कार लूट ली। इसके बाद राहुल ने गाजियाबाद में सुदामा दत्त, शमसुद्दीन, मो. उम्मीद को 50 हजार रुपये में कार के अलग-अलग पार्ट बेच दिए। जबकि कार की बॉडी को कबाड़ी को बेच दिया। कार का केवल इंजन इनके पास बचा था। मामले में हरवेश के भाई रवनेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
ऑनलाइन बुकिंग रद्द कर ऑफलाइन ले गए
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि बदमाशों ने झांसी जाने के लिए पहले ओला से ऑनलाइन बुकिंग की थी। इसके बाद हरवेश कैब लेकर लोकेशन पर पहुंच गया। बदमाशों ने ऑनलाइन बुकिंग रद्द कर दी और ऑफलाइन प्रति किलोमीटर के हिसाब से झांसी जाने की बातचीत करने लगे। चालक नौ रुपये प्रति किलोमीटर पर चलने के लिए तैयार हो गया।
लॉकडाउन में हो गया कर्ज तो रची साजिश
कोतवाली फेज थ्री के प्रभारी निरीक्षक विवेक त्रिवेदी ने बताया कि घटना की साजिश राहुल ने रची थी। राहुल भी कैब चालक था, लेकिन लॉकडाउन में कैब की किस्त नहीं दे पाया तो उसकी गाड़ी इंश्योरेंस वालों ने ले ली थी। इसके बाद उस पर साथियों का करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज हो गया। इससे उबरने के लिए उसने कैब बुक कर चालक की हत्या कर लूट की साजिश रची थी। इसमें उसने अपने तीन अन्य साथियों को जोड़ लिया।