सुपरटेक की दिवालिया प्रक्रिया पर एनसीएलएटी की रोक, कंपनी सात दिन में बैंक को देगी भुगतान का प्रस्ताव
नैय्यर होम बायर्स ने भी सुपरटेक बिल्डर के प्रस्ताव का किया समर्थन
यमुना प्राधिकरण के भी 677 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की आस जगी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में गोल्फ कंट्री प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली सुपरटेक टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड की दिवालिया प्रक्रिया पर नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने रोक लगा दी है। एनसीएलएटी के इस आदेश से प्रोजेक्ट में फंसे 3200 आवंटियों के घर का सपना साकार होने की उम्मीद है। उधर, यमुना प्राधिकरण के भी 677 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की आस जगी है।
पंजाब एंड सिंध बैंक की ओर से दायर अपील पर 12 जुलाई 2024 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने दिवालिया प्रक्रिया शुरू कर अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) को नियुक्त किया था। इस आदेश के खिलाफ सुपरटेक ने एनसीएलएटी में अपील की और वहां सात दिन में बैंक को भुगतान का प्रस्ताव देने की दलील दी। इसमें बताया गया कि होम बॉयर्स का भी समर्थन सुपरटेक के साथ है। एनसीएलएटी ने आदेश अपील को स्वीकार करते हुए अगली तिथि 21 अगस्त नियत कर दी।
दरअसल, एनसीएलटी के दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के आदेश से 3200 आवंटियों का भविष्य अधर में फंस गया था। यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-22 डी के प्लॉट नंबर टीएस-5 के प्रोजेक्ट गोल्फ कंट्री पर बैंक ने 18 मार्च 2013 को 140 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया था, जिससे ग्रुप हाउसिंग को विकसित करने का प्रस्ताव है। यीडा ने सुपरटेक की इस परियोजनाओं के लिए 2011 में 100 एकड़ भूमि का आवंटन किया था। सुपरटेक पर प्राधिकरण के 677.79 करोड़ रुपये बकाया हैं। अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का लाभ देकर बिल्डर को 25 प्रतिशत के रूप में 137.28 करोड़ रुपये चुकाने हैं। इस बीच यीडा ने 26 जून 2024 को बोर्ड बैठक में सुपरटेक के जमीन आवंटन को रद्द करने की सिफारिश भी की, लेकिन मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण यह कार्रवाई नहीं हो पाई।
किस्त नहीं चुकाने से 216 करोड़ पहुंचा ऋृण
पंजाब एंड सिंध बैंक की ओर से एनसीएलटी में बताया गया था कि सुपरटेक की इस कंपनी का 18 मार्च 2013 को 140 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया था। इस लोन की कंपनी ने किस्त नहीं चुकाई और 30 जून 2023 तक बैंक का बकाया बढ़कर 216 करोड़ 90 लाख 87 हजार रुपये हो गया। इस मामले में कंपनी को बैंक की ओर से अनेक नोटिस भी जारी किए गए। सेक्टर-22डी में कुछ ही टावर तैयार है, जिनमें बने फ्लैट में लोग रह रहे हैं। प्राधिकरण ने सुपरटेक टाउनशिप को 4750 रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से प्लॉट का आवंटन किया था।
-
22डी गोल्फ कंट्री की सुपरटेक टाउनशिप परियोजना पर 12 जुलाई को एनसीएलटी के आदेश पर एनसीएलएटी ने स्टे दिया है। हम मौजूदा लैंडर्स इस मामले में समझौता कर रहे हैं।
-आरके अरोड़ा, चेयरमैन सुपरटेक