नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट ने एक व्यक्ति को दहेज हत्या और पत्नी के साथ क्रूरता के आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने में असफल रहा।
यह मामला अभिषेक नामक व्यक्ति से जुड़ा था, जिस पर आरोप था कि उसने जुलाई 2024 में अपनी पत्नी कशक को दहेज के लिए प्रताड़ित किया, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली थी। अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि शादी के सात महीने के भीतर ही महिला पर दहेज के लिए अत्याचार किया गया। हालांकि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजिंदर कुमार ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मृतका के परिवार मां, पिता, चाची और भाई द्वारा दिए गए बयानों से भी यह साबित नहीं होता कि अभिषेक ने दहेज की मांग की थी या उसे प्रताड़ित किया था। संवाद