ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन भी बीकानेर की तरह डोर टू डोर वैक्सीन लगाने की तैयारी कर रहा है। प्रशासनिक अफसर बीकानेर मॉडल का अध्ययन कर रहे है। जिसके बाद जिले में घर-घर जाकर वैक्सीन लगाने पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल जिले में 8.75 लाख लोगों को टीके की डोज दी जा चुकी है। जुलाई तक 15 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया है।
बीकानेर के जिला प्रशासन ने डोर टू डोर वैक्सीन लगाना शुरू किया है। ताकि वैक्सीन लगाने के अभियान को तेज किया जा सके। ऐसा करने वाला बीकानेर देश का पहला शहर बना है। बीकानेर प्रशासन के इस मॉडल की काफी तारीफ हो रही है। गौतमबुद्घ नगर प्रशासन को भी यह मॉडल काफी पसंद आया है। अफसरों ने बताया कि अगर किसी जगह पर दस लोग वैक्सीन लगवाने का स्लॉट बुक करते है तो उनको घर पर जाकर वैक्सीन लगाई जा सकती है। इससे वैक्सीन लगाने के अभियान को गति मिलेगी। मोबाइल टीम का गठन कर जिले में भी ऐसा किया जा सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि जिले में डोर टू डोर मॉडल काफी सफल साबित होगा। यहां पर सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद है। जल्द इसकी रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। उसके बाद मॉडल को अपनाने पर मोहर लगेगी।
वैक्सीन लगाने में निजी से आगे हैं सरकारी विभाग
जिले में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ निजी अस्पताल भी वैक्सीन लगा रहे है। सरकारी वैक्सीन निशुल्क है। जबकि निजी अस्पताल शुल्क ले रहे हैं। जिले में अभी तक 8.75 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। इनमें करीब 60 प्रतिशत लोगों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से वैक्सीन लगाई गई है। जबकि करीब 40 प्रतिशत लोगों ने निजी अस्पतालों से वैक्सीन लगवाई है। पहली डोज लेने वालों की संख्या सात लाख से अधिक है।
बीकानेर शहर का डोर टू डोर वैक्सीन लगाने का मॉडल अच्छा है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। उसके बाद ही जिले में यह व्यवस्था लागू करने पर फैसला लिया जाएगा।- वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)