होमगार्ड वेतन घोटाले से संबंधित दस्तावेज में लगाई आग
ग्रेटर नोएडा। फर्जी ड्यूटी दिखाकर करोड़ों के होमगार्ड वेतन घोटाले के खुलासे के सात दिन बाद ही संबंधित दस्तावेज में आग लगा दी गई। घोटाले में फंसे आरोपियों ने साजिश के तहत सबूत मिटाने के लिए सोमवार रात घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने सूरजपुर स्थित कमांडेंट होमगार्ड दफ्तर में ब्लॉक आर्गनाइजर (बी.ओज) कक्ष का ताला तोड़कर वर्ष 2014 से अब तक के दस्तावेज में आग लगाई। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी होने पर पुलिस और होमगार्ड दोनों महकमों में अफरातफरी मच गई। एसएसपी समेत कई अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। एसएसपी वैभव कृष्ण ने मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए और एसआईटी गठित कर जांच एसपी सिटी विनीत जायसवाल को दी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक प्लाटून कमांडर व दो हामगार्ड को हिरासत में ले लिया।
एसएसपी के मुताबिक, सूरजपुर स्थित उपभोक्ता फोरम के बराबर में कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय है। मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि कार्यालय में रखे एक बॉक्स में आग लगी है। सूचना मिलने पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने प्रयास किए, लेकिन आग इस तरह लगाई गई थी कि इसमें होमगार्ड वेतन घोटाले से संबंधित अधिकांश दस्तावेज जल गए। अफसरों ने पड़ताल की तो पता चला कि आरोपियों ने मुख्य द्वार कूदकर दफ्तर में प्रवेश किया। इसके बाद बी.ओज दफ्तर का ताला तोड़ा और भीतर रखी उसी अलमारी का ताला तोड़ा जिसमें हाजिरी रजिस्टर व दस्तावेज (मस्टर रोल) और वेतन संबंधित दस्तावेज रखे हुए थे। इसके बाद आरोपियों ने इन दस्तावेज को कक्ष में ही रखे एक लोहे के बॉक्स का ताला तोड़कर उसमें रख दिया और आग लगा दी। कुछ ही देर में बॉक्स में रखे गए सभी दस्तावेज जलकर राख हो गए। मंगलवार को स्वीपर ने कमरे का ताला टूटने और दस्तावेज में आग लगने की जानकारी दी।
गार्ड का कमरा बंद की वारदात
एसएसपी के मुताबिक, रात दो बजे के होमगार्ड कार्यालय के एक कमरे में सोया हुआ गार्ड अनिल कुमार जगा था, लेकिन बाहर से दरवाजा बंद था। आशंका है कि आग लगाने वालों ने उसके कक्ष का बाहर से कुंडा लगा दिया था। इसके चलते उसने किसी अन्य गार्ड को फोन करने की बात कही है। फिलहाल, पुलिस ने अनिल कुमार व एक अन्य होमगार्ड और एक प्लाटून कमांडर को हिरासत में लिया है।
बड़ा सवाल कब्जे में क्यों नहीं लिए गए साक्ष्य
घोटाले संबंधित दस्तावेज जलाने के पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नोएडा पुलिस ने एक बड़े घोटाले का खुलासा कर प्रदेश में नजीर पेश की थी, लेकिन घोटाले में सबसे बड़ा साक्ष्य माने जा रहे मस्टर रोल आदि को कब्जे में क्यों नहीं लिया गया और न ही कमांडेंट होमगार्ड दफ्तर के जिस कक्ष मेें यह दस्तावेज रखे थे, वहां न सुरक्षा बढ़ाई गई और न ही उसे सील किया गया। ऐसे में एक बड़े घोटाले की जांच प्रभावित हो सकती है।
अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराकर तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। घटना को जानबूझकर सबूत मिटाने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। साक्ष्य एकत्रित करने की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान ये घटना की गई है। इससे जांच प्रभावित होगी, लेकिन पुलिस के पास आरोपियों को सजा दिलाने के पूरे साक्ष्य हैं।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी गौतमबुद्ध नगर
सीएम ने मुख्य सचिव व होमगार्ड महानिदेशक से तलब की रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आला अधिकारियों से मामले में रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने मंगलवार शाम तक पूरे मामले में मुख्य सचिव और होमगार्ड महानिदेशक से रिपोर्ट तलब की। वहीं, जिले के आला अधिकारियों से फोरेंसिक टीम आदि से गहनता से जांच कराने के अलावा दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सीएम के आदेश के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है।