नोएडा। किडनी ट्रांसप्लांट करने के नाम पर ठगी के आरोप में एमसीडी के अस्पताल के डॉक्टर को कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार रात को दिल्ली के लाहौरी गेट से पकड़े गए आरोपी की पहचान डॉ. बुलंद अख्तर के रूप में हुई है। आरोप है कि 8 लाख रुपये लेने के बाद भी डॉक्टर ने किडनी ट्रांसप्लांट नहीं किया। जिससे पीड़ित के भाई की मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को आरोपी डॉक्टर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी चिकित्सक डा. बुलंद अख्तर सेक्टर-19 में रहते हैं। सेक्टर-31 निवासी अहमद खान ने पुलिस से शिकायत की थी कि उनके भाई शफीक अहमद (52) की किडनी खराब हो गई थी। उन्होंने शफीक का इलाज एम्स सहित दिल्ली एनसीआर के कई अस्पतालों में कराया था। चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट कराने की बात कही थी। अहमद अपने भाई की किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए कई जगहों पर बात करनी शुरू कर दी। इसी दौरान पड़ोस में ही रहने वाले अब्दुल गफ्फार ने उन्हें सेक्टर-19 निवासी डॉ. बुलंद अख्तर से उनकी मुलाकात कराई थी। डॉ. बुलंद अख्तर ने उस वक्त बताया था कि वह दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में तैनात हैं और 10 लाख रुपये में वह डोनर समेत किडनी ट्रांसप्लांट करा देेंगे।
इसके बाद अहमद खान ने अब्दुल गफ्फार के माध्यम से डॉ. बुलंद को 8 लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि पैसे लेने के बाद भी उनके भाई के लिए ना तो किडनी डोनर की व्यवस्था की गई और ना ही किसी तरह का इलाज किया गया। इसके बाद जनवरी 2021 में उनके भाई शफीक की मौत हो गई थी। भाई की मौत होने के बाद अहमद खान ने दोनों से पैसे वापस करने की मांग की थी लेकिन डॉ बुलंद ने पैसे लौटाने से मना कर दिया था। इस मामले डा. बुलंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज था और वह फरार चल रहा था।