ग्रेटर नोएडा (संवाद)। गौतमबुद्धनगर में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मौजूद है। किसान जरूरत के अनुसार फसल में इस्तेमाल करें। जरूरत से अधिक खाद, यूरिया या उर्वरक का इस्तेमाल न करें। जरूरत से अधिक उर्वरक लेने वाले किसानों का पता लगाया जा रहा है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यह बातें संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ अशोक कुमार यादव ने किसानों से कही।
अशोक कुमार वे कहा, धान की फसल में कई स्थानों पर जरूरत से ज्यादा यूरिया का इस्तेमाल करने की जानकारी मिल रही है। किसानों को जागरूक किया जाएगा। किसी भी फसल के लिए वैज्ञानिकों ने जितने खाद के इस्तेमाल करने की सलाह दी है, उसके अधिक इस्तेमाल करने से फसल को नुकसान होता है। जिले में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर दादरी, जेवर समेत अन्य स्थानों पर उनके द्वारा निरीक्षण किया गया। जो उर्वरक कम है उसके लिए जिला कृषि अधिकारी ने शासन को लिखा है। जल्द ही जिले के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में खरीफ 2025 में लक्ष्य को पूरा किया जा चुका है। इसमें प्रमुख फसल धान, मक्का, ज्वार, बाजरा एवं दलहनी व तिलहनी फसलें शामिल है। इस साल 11,964 मीट्रिक टन यूरिया, 2465 मीट्रिक टन डीए, 986 मीट्रिक टन एनपीके किसानों को बांटी जा चुकी है। वर्तमान में 1574 मीट्रिक टन यूरिया, 720 मीट्रिक टन डी.ए.वी व 380 मीट्रिक टन एनपी के बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध है। कृषकों की मांग के अनुरूप जोत के अनुसार उर्वरक बंटने के निर्देश दिए गए। कृषि निदेशक ने छह उर्वरक विक्रेता की दुकानों का निरीक्षण किया। किसानों से बात करके उनको जरूरत से अधिक उर्वरक का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी। इस दौरान उप कृषि निदेशक राजीव कुमार और जिला कृषि अधिकारी विवेक दूबे उपस्थित रहे।