स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के निर्देश, निगरानी दल रहेंगे सक्रिय
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले में पराली और कूड़ा-करकट जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण, जनजागरूकता और सतत निगरानी को लेकर अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त वातावरण बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किया जाए, और जहां भी पराली या कूड़ा जलाने की घटना मिले, वहां तत्काल जुर्माना और कार्रवाई की जाए।
बैठक में उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने अब तक की गई कार्रवाइयों और किसानों को जागरूक करने के प्रयासों की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि सभी किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि वे पराली न जलाएं। उन्होंने कहा कि पराली का वैज्ञानिक उपयोग जैसे कंपोस्ट खाद बनाने या गोशालाओं में चारे के रूप में किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और किसानों को आर्थिक लाभ भी होगा।
डीएम ने नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतों और प्राधिकरण अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण की नियमित समीक्षा करें। जहां लापरवाही मिले, वहां जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि गांव स्तर तक सतर्कता दल सक्रिय रहें और ग्राम प्रधानों, लेखपालों व कृषक समूहों को पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में शामिल किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने से ही पराली जलाने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।