फिरोजपुर झिरका स्थित शिव मंदिर
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फिरोजपुर झिरका। जिले में पर्यटन केंद्र की बेहतर संभावनाएं हैं, लेकिन सरकारों की अनदेखी के चलते आज तक ऐतिहासिक पांडव कालीन मंदिर के अलावा अन्य इमारतों का कोई रखरखाव नहीं किया जा रहा है। जिले के महत्वपूर्ण केंद्रों को पर्यटक स्थल के रूप में स्थापित करने की घोषणा तो हुई, लेकिन आगे नहीं बढ़ी।
जिला चारों तरफ से अरावली की पर्वतमालाओं से घिरा है। यहां पहाड़ों से बहते झरने और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल और मुगलकालीन मकबरे व इमारतें आज भी पांडव कालीन संस्कृति और मुगलकालीन विरासत को दर्शाती हैं। पांडव राज युधिष्ठिर द्वारा निर्मित ऐतिहासिक शिवलिंग अपने आप में इलाके के लिए मिसाल है। दिल्ली, राजस्थान और यूपी के अलावा हरियाणा के अन्य जिलों से हजारों की संख्या में लोग मंदिर आते हैं।
फिरोजपुर झिरका में पांडव कालीन शिव मंदिर, भोंड गांव स्थित देहरा मंदिर, शहर में बने पुराने मकबरे और इमारत के अलावा अरावली पहाड़ी में बने विशाल बांध के अलावा पहाड़ और आकर्षक झरने पर्यटकों को अपनी ओर लुभाते हैं। यदि सरकार यहां पर्यटक केंद्र स्थापित करती है तो निश्चित ही जिला सरकार को भारी राजस्व पहुंचा सकता है और सैलानियों से रोजगार के हजारों विकल्प सामने आ जाएंगे।
वर्जन-
जिले में पर्यटन को लेकर किसी सरकार ने पहल नहीं की है। मंदिर में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, ओमप्रकाश चौटाला, नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर, कैबिनेट मंत्री रहे राव नरबीर सिंह आदि ऐतिहासिक शिवलिंग का दर्शन कर चुके हैं। - अनिल गोयल, अध्यक्ष, शिव मंदिर