नूंह। जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग नूंह उपमंडल के गांवों में अभियान चला रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि उजीना, बाई, नूंह और सूड़ाका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले 78 गांवों में विभाग की 80 टीम कार्य कर रही हैैं। टीम के सदस्य गांव के सभी घरों में जाकर मलेरिया की जांच कर रहे हैं। मलेरिया होने पर लोगों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। मलेरिया के 129 मामले सामने आए हैं।
इस अभियान की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा और मलेरिया विभाग की निदेशक ऊषा मेहता ने 4 सितंबर को की थी। इसे उपमंडल के 4 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो के अंतर्गत आने वाले 78 गांवों में चलाया जाएगा। विभाग की दलों ने 24 गांवों में इस अभियान को लगभग पूरा कर लिया है। जांच के साथ मशीनों से छिड़काव किया जा रहा है और लोगों को मच्छरदानी दी जा रही है, 18554 लोगों को मच्छरदानी बांटी गई है। टीम ने करीब 2.60 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य बनाया है।
जड़ से खत्म होगा मलेरिया :
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार, नूंह सीएचसी के एसएमओ डॉ. गोबिंद शरण, आंकड़ा प्रबंधक अधिकारी अकरम खान और स्वास्थ्य निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि जिले को मलेरिया मुक्त करने के लिए विभाग की टीम लगातार कार्य कर रही हैं।