माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) करनाल में देश के विभिन्न राज्यों के पंजीकृत किसानों को गेंहू व जौ की नई किस्मों का बीज वितरण शुरू कर दिया है। पहले दिन उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्यप्रदेश और दिल्ली राज्य से आए करीब 4000 किसानों को बीज दिया गया। बीज वितरण की शुरूआत संस्थान के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने किसान को बीज का पैकेट देकर की। उन्होंने कहा कि ये सभी किस्में जलवायु सहनशील होने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता और पैदावार वाली है, रोग प्रतिरोधी भी हैं। मंगलवार को पंजाब राज्य के किसान बीज लेने पहुंचेंगे।
आईआईडब्ल्यूबीआर करनाल के बीज पोर्टल पर देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 16000 किसानों ने पंजीकरण किया था। बीज वितरण 17 अक्तूबर तक किया जाएगा। डॉ. रतन ने किसानों से कहा कि वे नई किस्मों के बीज का उपयोग कर अधिकतम उपज प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि करे। गेहूं में अनावश्यक उर्वरकों व कीटनाशकों के प्रयोग से बचें। वैज्ञानिकों की ओर से उर्वरकों की अनुशंसित मात्रा का उपयोग करके खेती की लागत को कम किया जा सकता है। उच्च पोषण युक्त जौ की छिलका रहित किस्म डीडब्ल्यूआरबी 223 के बीज प्रति भी किसानों काफी उत्साह देखा गया।
इन किस्मों का दिया जा रहा बीज
- नवीनतम किस्में डीबीडब्ल्यू 187, डीबीडब्ल्यू 303, डीबीडब्ल्यू 222, डीबीडब्ल्यू 327, डीबीडब्ल्यू 332, डीबीडब्ल्यू 370, डीबीडब्ल्यू 371, डीबीडब्ल्यू 371, डीबीडब्ल्यू 316 एवं जेकेडब्ल्यू 261 आदि का बीज बुक कराया था। किसानों ने पोषण युक्त छिलका रहित जौ की किस्म डीडब्ल्यूआरबी 223 की भी बुकिंग कराई थी।