फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंडिपेंटेंड टीवी ब्लैक आउट

विज्ञापन
कंपनी के बाहर हंगामा करते कर्मचारी।
विज्ञापन
इंडिपेंडेंट डीटीएच ब्लैक आउट, देशभर के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर का प्रदर्शन
विज्ञापन

नोएडा। इंडिपेंडेंट डीटीएच के ब्लैक आउट होने के बाद देशभर के जोनल सुपर डिस्ट्रीब्यूटर्स ने मंगलवार को सेक्टर-63 स्थित ऑफिस व कोतवाली फेज थ्री में प्रदर्शन किया। देशभर से आए डिस्ट्रीब्यूटर्स का आरोप है कि कंपनी ने 400 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा किया है। इससे 10 लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, कंपनी का कहना है कि 2 जुलाई को टेलीकॉम ट्रिब्यूनल में सुनवाई होनी है। इसके बाद डीटीएच सेवा शुरू हो जाएगी। इस कंपनी में बाइक बोट कंपनी के फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी संजय भाटी भी डायरेक्टर रहा है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-63 के ई-33 में पेंटल टेक्नोलॉजी लिमिटेड का पंजीकृत कार्यालय है। यह कंपनी इंडिपेंडेंट टीवी की डीटीएच सेवाएं संचालित करती हैं। इसकी सेवाएं अगस्त 2018 में शुरू हुईं। देशभर में करीब 80 सुपर डिस्ट्रीब्यूटर्स रखे गए। इन लोगों ने 50 लाख रुपये से लेकर 25 करोड़ रुपये तक निवेश किया। इसके अलावा करीब दस लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 2250 रुपये लेकर जोड़ा गया। जिस समय डीटीएच सेवा शुरू हुई। उस समय पेंटल का कार्यालय सेक्टर-63 के एच ब्लॉक में था। इसके बाद जब इस कंपनी के डायरेक्टर संजय भाटी का नाम 1500 करोड़ रुपये के बाइक बोट फर्जीवाड़े में आया तो कंपनी का दफ्तर बदल दिया गया। 12 जून की रात से यह डीटीएच सेवा ब्लैक आउट हो गई। सभी चैनल बंद हो गए तब कंपनी की तरफ से बताया गया कि 18 जून को चैनल शुरू हो जाएगा। इसके बाद 22 जून का समय दिया गया। इससे नाराज देश के कई राज्यों के डिस्ट्रीब्यूटर मंगलवार को नोएडा पहुंचे और पेंटल के सेक्टर-63 स्थित कार्यालय व कोतवाली फेज थ्री में हंगामा किया। इसके बाद कोतवाली में इंडिपेंडेंट के सीईओ विवेक प्रकाश को बुलाया गया, वहां दोनों पक्षों में तनातनी भी हुई। कंपनी के सीईओ ने बताया कि मामले की सुनवाई 2 जुलाई को टेलीकॉम ट्रिब्यूनल में होनी है। इसके बाद डीटीएच सेवा शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन

कर्मचारियों को भी नहीं मिल रही सैलरी
सेक्टर-63 में पेंटल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का कॉल सेंटर भी है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी दो महीने से सैलरी नहीं मिल रही है। जब सुपर डिस्ट्रीब्यूटर्स कंपनी कार्यालय व थाने पहुंचे तो कर्मचारी भी वहां पहुंच गए। वहां नाराज कर्मचारियों ने सीईओ का घेराव किया और जमकर हंगामा किया।
50 लाख से 25 करोड़ तक किए गए निवेश
सुपर डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए देशभर के लोगों ने 50 लाख रुपये से लेकर 25 करोड़ रुपये का निवेश किया। दिल्ली निवासी नवीन माहेश्वरी ने 3.05 करोड़, अलीगढ़ के चेतन दीक्षित ने 50 लाख रुपये और लखनऊ के अनिल नागर ने 25 करोड़ रुपये का निवेश किया। सुपर डिस्ट्रीब्यूटर ने अपने नीचे डिस्ट्रीब्यूटर्स रखे थे। चैनल बंद होने के बाद कस्टमर की तरफ से डिस्टीब्यूटर्स पर दबाव बढ़ा तो नोएडा आकर हंगामा किया।
बैंक की तरफ से लापरवाही के कारण सिग्नल प्रदाता कंपनी को पैसे नहीं मिल पाए तो चैनल का प्रसारण बंद कर दिया गया। इसके बाद हम लोगों ने इसे टेलीकॉम ट्रिब्यूनल में शिकायत की है। 2 जुलाई को सुनवाई होनी है। उम्मीद है कि 2 जुलाई से ही प्रसारण शुरू हो जाएगा। - विवेक प्रकाश, सीईओ, इंडिपेंटेंड टीवी
विज्ञापन

-------------------
पीएम को लिखा पत्र
हंगामा करने वाले सुपर डिस्ट्रीब्यूटर ने मामले में प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजा है। इसमें अनुरोध किया गया है कि कंपनी के लोग 400 करोड़ से अधिक की धनराशि लेकर भाग रहे हैं। आप ऐसी कार्रवाई करें कि बाइक बोट की तरह ये लोग भी पैसों का गबन न कर लें। पत्र में यह भी लिखा है कि डीटीएच सेवा बगैर सरकारी आदेश से चल नहीं सकती तो एकाएक बंद होना साजिश है। गृह मंत्रालय, सूचना प्रसारण मंत्रालय को भी पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें