यमुना सिटी (संवाद)। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की पहले चरण की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में विस्थापित गांवों के युवाओं ने एक बार फिर नौकरी की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि विस्थापन के साढ़े चार वर्ष बीत जाने के बाद भी प्राधिकरण केवल 24 युवाओं को नौकरी देने का दावा कर रहा है, जबकि इनमें से कई नाम आवेदन करने वाले 360 युवाओं की सूची से मेल ही नहीं खा रहे हैं।
युवाओं का कहना है कि एयरपोर्ट निर्माण के समय प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को दो विकल्प दिए गए थे नौकरी या 5 लाख रुपये। उस समय 360 युवाओं ने नौकरी का विकल्प चुना था। बुधवार को जारी सूचना में प्राधिकरण ने महज 24 युवाओं को ऑफर लेटर जारी करने की जानकारी दी गई। आरएंडआर कॉलोनी में बसाए गए विस्थापित गांवों के युवाओं का कहना है कि वास्तविक आवेदकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, विस्थापन के समय किए गए वादों को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।