एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में तय हुई उद्योग जगत की नई दिशा
मेयर, निगम कमिश्नर, संयुक्त पुलिस आयुक्त, सहायक आयुक्त सीजीएसटी व एफएमडीए एडवाइजर रहे मौजूद
प्रशासन व उद्योगपति एक मंच पर आए, तुरंत समाधान की नीति से प्रभावित दिखे उद्यमी
एमएसएमई से जुड़े उद्योगपतियों ने रखीं समस्याएं, अधिकारियों ने मौके पर ही दिखाया रास्ता
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन, निवेश की संभावनाएं, बुनियादी ढांचे का विकास, शिक्षा और खेल जगत से जुड़े अवसरों पर चर्चा की गई। उद्यमियों का कहना था कि इससे उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों और नीति निर्माताओं से सीधा संवाद का अवसर मिला है, जिससे भविष्य की योजनाओं को नई गति और दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेयर प्रवीण जोशी रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा, संयुक्त पुलिस आयुक्त राजेश दुग्गल, सहायक आयुक्त सीजीएसटी अरविंदर सिंह और एफएमडीए एडवाइजर (रिटायर्ड चीफ टाउन प्लानर हरियाणा) सुधीर चौहान मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरभान शर्मा, मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद के प्रधान पुष्पेंद्र सिंह, सरूरपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाह, फरीदाबाद स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष गुरनाम सिंह विरदी और सोहना रोड स्क्रैप मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश राव ने अपने विचार साझा किए। पैनल में बैठे उद्योगपतियों ने छोटे उद्योगों को चलाने में आ रहीं अड़चनों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि 2 से 100 कर्मचारियों वाले छोटे उद्योग बड़ी संख्या में हैं, लेकिन यहां नई यूनिट खोलने की औपचारिकताएं पूरी करने में कई माह लग जाते हैं। इसे सरल बनाने की जरूरत है। मेयर प्रवीण जोशी की कार्यशैली की उद्योगपतियों ने विशेष सराहना की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सरकार और प्रशासन उद्योगों के लिए हर संभव सहयोग कर रहे हैं। तय नियमों और स्थानों पर उद्योग स्थापित करना पहले से आसान हुआ है। जिलों में डी ब्लॉक तय किए गए हैं, जहां बिना किसी अनुमति के उद्योग संचालित किए जा सकते हैं। वहीं, निगम कमिश्नर व संयुक्त पुलिस आयुक्त ने आश्वस्त किया कि केवल एक मैसेज या लेटर दीजिए आपकी समस्या का समाधान 24 घंटे में शुरू कर दिया जाएगा। एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य फरीदाबाद के उद्योगों की चुनौतियों और समाधानों पर चर्चा के लिए साझा मंच उपलब्ध कराना था। उद्योगपति व व्यापारी संगठनों ने इस कॉन्क्लेव को बेहद अहम करार दिया।