छह महीने से सीएचसी में धूल फांक रहीं डिजिटल एक्स-रे मशीनें
तकनीशियन के नहीं होने से मरीजों को नहीं मिल पा रहा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में करीब छह महीने से डिजिटल एक्स-रे मशीनें धूल फांक रहीं हैं। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी तकनीशियनों की तैनाती नहीं होने से मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा।
ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है या वे पहले ही निजी अस्पतालों की ओर रुख कर लेते हैं। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए शासन की ओर से बिसरख गांव स्थित सीएचसी में करीब छह माह पहले ही एक्स-रे मशीन को भेजा जा चुका है लेकिन इसे चलाने के लिए अभी तक तकनीशियन की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे में चिकित्सकों को मजबूरी में यहां आने वाले मरीजों को एक्स-रे के लिए बाहर से करवाकर लाने को कहा जाता है या निजी अस्पतालों में रेफर करना होता है। चिकित्सकों के अनुसार सीएचसी में रोजाना 600 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें से हर दिन यहां पर 50 से 60 मरीज एक्स-रे के लिए आते हैं। 30 से 40 मरीज निमोनिया व टीबी के होते हैं।
वर्जन
एक्स-रे मशीन के लिए तकनीशियन की नियुक्ति के लिए शासन से मांग की जा चुकी है। समस्या का समाधान शासन स्तर से होगा। - डॉ. सचिंद्र मिश्रा, प्रभारी, सीएचसी बिसरख