- लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम, लैब और ऑडिटोरियम जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी विकसित, दो लाख छात्र व 10 हजार शिक्षक होंगे लाभान्वित
अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत बड़े स्तर पर विकास कार्य शुरू हो गए हैं। करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला हाईटेक डायट वर्ष 2027 तक पूर्ण रूप से विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए पहले चरण में साढ़े छह करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिक्षा मंत्रालय की योजना की इस योजना के तहत प्रदेश के चुनिंदा डायट को आधुनिक शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। डायट परिसर में नया प्रशासनिक भवन, आधुनिक क्लास रूम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम, अत्याधुनिक लैब, ऑडिटोरियम, सेमिनार हॉल, स्टाफ क्वार्टर और छात्रावास जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी। साथ ही पुराने भवनों का मरम्मत कार्य भी किया जा रहा है।
डायट प्राचार्य अर्चना गुप्ता ने बताया कि संस्थान में प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी कई गतिविधियां संचालित होती हैं, जिन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक संसाधन जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब डायट केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यह उत्कृष्ट शैक्षणिक और नवाचार आधारित केंद्र के रूप में विकसित होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बड़े प्रशिक्षण कक्ष की कमी के कारण कई बार शिक्षकों को एक साथ प्रशिक्षण नहीं मिल पाता था, लेकिन नए ढांचे के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी। सभी प्रशिक्षण एक ही स्थान पर आधुनिक सुविधाओं के साथ उपलब्ध होंगे।
पहले चरण में इन जिलों को चुना गया-
इस योजना के पहले चरण में गौतमबुद्धनगर सहित वाराणसी, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, इटावा, मेरठ, अलीगढ़, सहारनपुर, गोरखपुर, झांसी, कानपुर और मुजफ्फरनगर जिलों की डायट को शामिल किया गया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने के बाद जिले के लगभग दो लाख छात्रों और 10 हजार से अधिक शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा। शिक्षकों को नई शिक्षा नीति, डिजिटल तकनीक और नवाचार आधारित प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि छात्रों को बेहतर शिक्षण वातावरण प्राप्त होगा।