माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना बिसरख क्षेत्र में लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने के मामले में आरोपी सागर चौहान की जमानत की अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा किया गया आर्थिक अपराध गंभीर प्रकृति का है। इसलिए जमानत देना उचित नहीं होगा।
पुलिस के अनुसार उपनिरीक्षक अंकित तरार 8 जुलाई 2026 की रात अजनारा ली गार्डन सोसाइटी के पास अन्य पुलिसकर्मियों के साथ चेकिंग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर दो युवकों सागर चौहान और कुलदीप को पकड़ा था। सागर से बरामद एप्पल कंपनी के मोबाइल फोन का व्हाट्सऐप नंबर समन्वय पोर्टल पर जांचने पर उस पर कई एनसीआरपी शिकायतें दर्ज मिलीं। वहीं कुलदीप से बरामद मोबाइल की जांच में ठगी की कई शिकायतें दर्ज पाई गईं। आरोपीगण लोन के इच्छुक लोगों को 112 एप के माध्यम से पहले वास्तविक लोन दिलाते थे। इसके बाद अधिक लोन दिलाने का झांसा देकर फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भेजते थे। जब पीड़ित झांसे में आ जाता, तो पूर्व में लिए गए लोन को बंद करने के बहाने फर्जी बैंक खातों में लोन की राशि ट्रांसफर करवा लेते थे। आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि सह-आरोपी कुलदीप को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसलिए सागर को भी जमानत दी जाए। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी सागर चौहान की जमानत अर्जी खारिज कर दी।