- दिल्ली से टैक्सी बुक करके नोएडा एयरपोर्ट पहुंची थी महिला,
- पैसे न मिलने पर कैब चालक ने पुलिस को दी सूचना, सुबह परिवार के पहुंचने के बाद शांत हुए मामला
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में मंगलवार देर रात एक महिला ने जमकर ड्रामा किया। वह दिल्ली से टैक्सी बुक करके एयरपोर्ट पहुंची थी और ड्राइवर को भुगतान नहीं कर रही थी। किराए का भुगतान न मिलने पर टैक्सी ड्राइवर ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब महिला से बात करने की कोशिश की तो वह पुलिस को भी कुछ नहीं बता रही थी। पुलिस टीम कई घंटे तक परेशान होती रही और महिला को बीमार समझकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया। सुबह परिवार वालों के आने के बाद मामला शांत हो सका।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार देर रात लगभग 12 बजे के आसपास उन्हें सूचना मिली कि एक महिला टैक्सी ड्राइवर का भुगतान नहीं कर रही है और दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनी है। जिसके बाद फोर्स मौके पर पहुंची तो टैक्सी ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि वह महिला को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल नंबर तीन से लेकर आया है। महिला नोएडा एयरपोर्ट के लिए 5000 रुपये में टैक्सी बुक की थी। लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वह भुगतान नहीं कर रही है। उल्टा रुपये मांगने पर चीख चिल्ला रही है और हंगामा कर रही है।
पुलिस ने जब महिला को समझाने की कोशिश की तो वह पुलिस की भी नहीं सुन रही थी और उन्हें जवाब नहीं दे रही थी। यह हंगामा लगभग तीन घंटे तक चलता रहा और पुलिस महिला के सामने असहज नजर आई। काफी देर हंगामा चलने के बाद महिला को एयरपोर्ट के अंदर ही बने हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद सुबह उठने पर उसने परिवार के बारे में जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिवार के लोग तुरंत नोएडा एयरपोर्ट पहुंचे और टैक्सी ड्राइवर का भुगतान करके महिला को अपने साथ ले गए।
गुड़गांव से नाराज होकर निकली थी महिला : महिला मूल रूप से गुड़गांव की रहने वाली थी। उसके पास न तो दिल्ली एयरपोर्ट का कोई टिकट था और न ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कोई टिकट था। जब पुलिस को उसके परिजनों की जानकारी हुई तो उन्होंने परिवार को सूचना दी। जिसके बाद महिला के परिवार के लोग गुड़गांव से उसे लेने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। महिला को सुपुर्द करने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एडीसीसी पूनम मिश्रा ने बताया कि महिला को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था।