- डग्गामार बसों से रोडवेज को हर माह हो रहा लाखों का नुकसान
- कम किराये पर भरते हैं सवारियां, रोडवेज की कम बसें होने से खड़ी हो रही समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी,
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के व्यस्ततम चौराहों में गिने जाने वाले परी चौक की तस्वीर इन दिनों बदली-बदली सी नजर आती है। यहां सड़क पर दौड़ती सरकारी बसों से ज्यादा दबदबा उन निजी बसों का है, जो नियमों को धता बताते हुए खुलेआम सवारियां भरती दिखाई देती हैं। दिनभर यात्रियों को आवाज लगाते इन डग्गामार बस चालकों की मनमानी न केवल यातायात व्यवस्था को बिगाड़ रही है, बल्कि रोडवेज के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है। हालात ऐसे हैं कि कई बार ये चालक रोडवेज के बस चालकों और परिचालकों के साथ अभद्रता तक करने से भी पीछे नहीं हटते।
असल समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब ग्रेटर नोएडा डिपो की सीमित बसें लंबे रूटों पर व्यस्त रहती हैं। 18 रूटों पर महज 106 बसों के सहारे चल रही व्यवस्था में हर रूट पर औसतन पांच बसें ही उपलब्ध हैं। लंबी दूरी के कारण एक बस 12 घंटे में सिर्फ दो से तीन फेरे ही लगा पाती है, जिससे बसों के बीच एक से डेढ़ घंटे का अंतर बन जाता है। बसों के इसी अंतराल का फायदा उठाकर परी चौक पर डग्गामार बसें यात्रियों को बैठाने का खेल खेलती हैं। नतीजा यह है कि अवैध रूप से चल रही इन बसों के कारण रोडवेज को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
तीस प्रतिशत कम किराया लेते हैं : यहां एक बस के पीछे दूसरी बस खड़ी रहती है और लगभग हर पांच मिनट में निजी बस उपलब्ध हो जाती है। इसके अलावा ये बस चालक यात्रियों से रोडवेज की तुलना में करीब 30 प्रतिशत तक कम किराया वसूलते हैं। कम किराया और तुरंत बस मिलने के कारण यात्री निजी बसों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या लगातार घट रही है। नियमों के अनुसार रोडवेज बस स्टैंड से एक किलोमीटर की परिधि में निजी बस चालक सवारियां नहीं बैठा सकते। इसके बावजूद डग्गामार बसें परी चौक पर अंसल मॉल के सामने रोडवेज बसों के आगे-पीछे खड़ी होकर खुलेआम सवारियां भर रही हैं।
रोडवेज और निजी बस का किराया सूची प्रति यात्री
स्थान रोडवेज किराया निजी बस किराया
आगरा 300 200
अलीगढ़ 200 150
सिटी सेंटर 39 20 से 30 रुपये
अवैध बसों को रोकने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। -राजेश वर्मा एआरएम ग्रेटर नोएडा डिपो