- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो तृतीय ने सुनवाई के बाद सुनाया फैसला
- 16 मार्च, 2014 को दादरी कोतवाली क्षेत्र के बोड़ाकी गांव में 23 वर्षीय सूबे की हत्या का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो तृतीय की अदालत ने बोड़ाकी गांव में 23 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोनों दोषी ने पुरानी रंजिश में अवैध हथियार से गोली मारकर युवक की हत्या की थी।
बोड़ाकी गांव निवासी गीता ने 16 मार्च, 2014 को दादरी कोतवाली में केस दर्ज कराया था कि उस रात करीब 8:45 बजे उसका भाई सूबे (23 वर्ष) खाना खाने के बाद रेलवे लाइन की तरफ घूमने निकला था। तभी रेलवे लाइन के पास बने बाथरूम के पीछे ईश्वर व गजेंद्र निवासी बोड़ाकी को बात करते सुना कि पुरानी रंजिश में सूबे को निपटाना है। कुछ दूर जाने के बाद ईश्वर ने तमंचे से सूबे को पीछे से गोली मार दी। जो कमर में लगी। गोली लगने के बाद गीता और उसकी मां ने शोर मचा दिया, लेकिन दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल सूबे की इलाज के दाैरान माैत हो गई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शिल्पी भदौरिया ने बताया कि सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की तरफ से 10 गवाह पेश किए गए। साथ ही साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने ईश्वर और गजेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा में मृतक की मां और बहन की गवाही अहम साबित हुई है।
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