माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने गैंगस्टर के एक पुराने मामले में आरोपी कृष्णपाल और कुंवरपाल को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष युक्तियुक्त संदेह से परे आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। अभियोजन के मुताबिक मुकदमा थाना सूरजपुर में 11 दिसंबर 2004 को दर्ज हुआ था। तत्कालीन थानाध्यक्ष शेर बहादुर सिंह की माैखिक सूचना पर गैंगचार्ट जिलाधिकारी से 27 नवंबर 2004 को अनुमोदित कराया गया था। पुलिस के मुताबिक सरताज निवासी मेरठ एक संगठित गिरोह का सरगना था।
आरोप था कि वह परवेज, कृष्णपाल निवासी मेरठ और कुंवरपाल मेरठ के साथ मिलकर सूरजपुर कस्बे में लूट की वारदात कर चुका था। पुलिस ने गैंगचार्ट में इन पर आर्म्स एक्ट सहित कई मुकदमों का हवाला दिया था। अदालत ने माना कि गवाही गैंगस्टर एक्ट के अपराध के संबंध में विश्वसनीय नहीं है। गैंगचार्ट के तीन में से दो मुकदमों में दोनों आरोपी 11 दिसंबर 2006 को ही दोषमुक्त हो चुके हैं।
अदालत ने कहा कि केवल गैंगचार्ट में मुकदमों के दर्ज होने, विचाराधीन होने या उनमें दोषसिद्धि के आधार पर गैंगस्टर एक्ट में सजा नहीं दी जा सकती। इस कारण अदालत ने दोनों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया।