- संपत्ति के लालच में विवाहिता की हत्या का आरोप
- पति समेत परिजनों की तलाश में जुटीं पुलिस की दो टीमें
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। घोड़ी बछेड़ा गांव में विवाहिता मोनिका नागर की हत्या के मामले में चार दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दादरी कोतवाली पुलिस ने पति अनुज चौहान और उसके परिजनों की तलाश में गौतमबुद्धनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह जिलों में दबिश दी है। लेकिन अब तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोनिका नागर की हत्या संपत्ति विवाद में किए जाने का आरोप है। मृतका के परिजनों का कहना है कि करोड़ों रुपये की संपत्ति हासिल करने के उद्देश्य से मोनिका पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मालूम हो कि घोड़ी बछेड़ा गांव निवासी अनुज चौहान ने बरोला निवासी मोनिका नागर से प्रेम विवाह किया था। वर्ष 2019 में मोनिका के पिता की मृत्यु के बाद बरौला और दुजाना गांव स्थित संपत्ति मोनिका और उसकी मां रेनू नागर के नाम दर्ज हो गई थी।
आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और उसके परिवार के लोग संपत्ति बेचने के लिए मोनिका पर दबाव बना रहे थे। 7 मई की दोपहर घर के भीतर मोनिका के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट ले गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों और पुलिस ने अधजले शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को रामगढ़ फाटक के पास से करन को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी के घर पर ताला लगा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के घर पर दबिश दी है लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा है।
मृतका की मां को कार से कुचलने का प्रयास : मृतका की मां रेनू नागर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह घटना की सूचना मिलने पर घोड़ी बछेड़ा गांव पहुंचीं तो आरोपियों ने उन्हें डराने और नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। उनका आरोप है कि फॉर्च्यूनर गाड़ी से उन्हें कुचलने का प्रयास किया गया, हालांकि वह बाल-बाल बच गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एसीपी ग्रेटर नोएडा प्रशाली गंगवार ने बताया कि मोनिका हत्याकांड में नामजद पति अनुज चौहान और उसके परिजन घटना के बाद से फरार हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो विशेष टीमें गठित की गई हैं।