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अमर उजाला संवाद ::: आलीशान फ्लैटों के बीच अधूरी सुविधाओं का दर्द सह रहे लोग

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-अधूरे कार्यों के बावजूद दिया सीसी, अब निवासी अव्यवस्थाओं से घिरे
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-पारस टिएरा सोसाइटी में एसटीपी से लेकर अग्निशमन के उपकरण खराब, एक्पेंशन ज्वाइंट खराब होने से नींव हो रही कमजोर

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की हाईटेक सोसाइटियों में शामिल पारस टिएरा सोसाइटी के करीब 8 हजार निवासी सालों से अधूरे पड़े कार्यों के बीच रहने को मजबूर हैं। एक तरफ अग्निशमन और एसटीपी काम नहीं करते, दूसरी तरफ एक्सपेंशन ज्वाइंट खराब होने से सोसाइटी की नींव खराब हो रही है, इन सभी काम के लिए फंड की कमी के चलते एओए भी असमर्थ है।

सेक्टर-137 स्थित पारस टिएरा सोसाइटी में रविवार को अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया। निवासियों ने बताया कि साल 2017 में लोगों ने यहां रहना शुरू कर दिया था। करीब 3954 फ्लैट हैं। बिल्डर ने 1154 के लिए गंगा वाटर लिया, लेकिन वर्तमान में करीब 2800 परिवार ऐसे हैं जिनके पास कनेक्शन नहीं है, इसके चलते हाई टीडीएस वाटर लोगों के घर पहुंच रहा है।
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काम नहीं कर रहा एसटीपी : एओए का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डर की ओर से बिना काम पूरा किए ही कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) दे दिया। जबकि उनका दावा है कि सोसाइटी में एसटीपी काम नहीं कर रहा है। साफ पानी नहीं मिल रहा है। इसके अलावा सिर्फ 2200 केवीए की क्षमता का बिजली ढांचा बनाया गया है, जबकि जरूरत 8800 केवीए क्षमता की है। अक्सर बिजली गुल रहने की समस्या आती है।
लिफ्ट की समस्या से परेशान हैं लोग : कुल 27 टॉवर हैं। सभी से लिफ्ट मॉर्डनाइजेशन के नाम पर पिछली एओए ने निवासियों के बैंक से ऑटोमैटिक 6 से 8 हजार रुपये डेबिट कर लिए। करीब 42 लिफ्टों में बदलाव की बात कही गई, जब लिफ्ट चेक की गई तो सामने आया कि पहले से लगे उपकरण 2026 तक के लिए उपयोग में लाए जा सकते थे, बावजूद इसके 2019 के पुराने उपकरण लिफ्ट में लगाए गए। 672 फ्लैट वाले टॉवर में सिर्फ दो लिफ्ट हैं, ऐसे में कभी सुबह और शाम पीक ऑवर में सबसे ज्यादा परेशानी होती है।

14 करोड़ की लागत से सोसाइटी के बड़े काम होने थे, वह भी नहीं हुए, बिल्डर 36 करोड़ आईएफएमएस का पैसा एओए को दे तो कई काम पूरे हो सकते हैं। -सुखपाल सिंह राणा
672 फ्लैट वाले टॉवर में सिर्फ दो लिफ्ट हैं, जिसके चलते पीक ऑवर में समस्या आती है, अगर लिफ्ट खराब हो गई तो समस्या और बढ़ जाती है। -प्रोफेसर अमरनाथ एचके
3954 फ्लैट हैं, लेकिन सिर्फ 1154 फ्लैटो में गंगा वाटर कनेक्शन हैं, ऐसे में हाई टीडीएस के पानी की आपूर्ति होती है, बिल्डर ने प्राधिकरण को बकाया भी नहीं जमा किया।

-विकास सलार

प्राधिकरण ने बिल्डर की ओर से बिना काम पूरा किए ही कंपलीशन सर्टिफिकेट दे दिए, अब लोग बिजली आपूर्ति, पानी और खराब एसटीपी की समस्या से जूझ रहे हैं।
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-डॉ. जॉली गुप्ता

छह ट्रांसफर होने चाहिए, लेकिन सिर्फ 4 हैं, इसी तरह डीजी सेट भी सभी के लिए उपलब्ध नहीं है, इससे लोग किराए के जनरेटर लेने को मजबूर हैं। -डाॅ. विशाल जैन
लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ गया है, एजेंसी कुत्तों को पकड़ती नहीं है, हर हफ्ते दो से तीन मामले काटने के आते हैं, इसी मार्च में एक बुजुर्ग को दौड़ लिया, जिससे वह अस्वस्थ है। -अनंत पाल चौहान




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