ई-नीलामी में नहीं मिले जर्जर हो रहे फ्लैटों को खरीदार, केवल आठ आवेदन
- छह महीने इंतजार के बाद अब ई-नीलामी की प्रक्रिया पूरी करेगा ग्रेनो प्राधिकरण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ई-नीलामी से बिक नहीं पा रहे फ्लैटों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की योजना फेल साबित हो रही है। जनवरी में शुरू हुई पंजीकरण की प्रक्रिया के तीन बार तारीख बढ़ाए जाने के बाद भी छह महीने में अभी तक 90 फ्लैटों के लिए आठ आवेदन ही आए हैं। अब सीईओ रवि कुमार एनजी ने संपत्ति विभाग को ई-नीलामी से इन आवेदकों में आवंटन की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कहा है।
अधिकारियों का कहना है कि छह महीने तक पंजीकरण खुले रहे हैं। इसके बाद भी उम्मीद के मुताबिक पंजीकरण ई-नीलामी के लिए नहीं हुए। अब तय हुआ है कि जिन इच्छुक खरीदारों ने पंजीकरण कराया है। उनको और अधिक इंतजार नहीं कराया जाए। प्राइम लोकेशन पर होने के बाद भी फ्लैट खरीदने के लिए आवेदन क्यों नहीं आ रहे हैं? इसका भी परीक्षण प्राधिकरण कराएगा।
जानकारों का कहना है कि मौके पर लंबे समय से अनुपयोगी पड़े फ्लैट जर्जर हो चुके हैं। कैंपस के अंदर और बाहर दोनों जगह बदहाली पसरी हुई है। ऐसे में करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर वहां जर्जर हालत में फ्लैट खरीदना लोगों को फायदे का सौदा नहीं लगता है। इसके अलावा बिल्डिंग का रखरखाव कैसे होगा? इसके लिए कॉर्पस फंड या एओए जैसी व्यवस्था भी इसमें शामिल नहीं है। हालांकि, मौखिक रूप से अधिकारी आवंटन के बाद फ्लैटों की हालत ठीक कराकर कब्जा देने की बात कहते हैं।
पहले आओ, पहले पाओ हो सकता विकल्प : आवास विभाग के प्राधिकरण और आवास विकास परिषद में बिना बिके फ्लैटों के लिए पहले आओ-पहले पाओ की योजना लागू है। इसमें कभी भी अपनी पसंद का फ्लैट आवेदन कर लोग खरीद सकते हैं। फ्लैटों की कीमत कम करने और बढ़ने से रोकने के लिए दरें फ्रीज करने जैसे प्रयास भी वहां हुए। इसके उलट ग्रेनो प्राधिकरण ई-नीलामी की नीति से अपने रिक्त फ्लैटों को बेचना चाहता है।