डग्गामार बसों से हो रही जीएसटी चोरी, छतों पर लादकर पहुंचाया जा रहा लाखों का सामान
दिल्ली से आगरा रूट तक बिना बिल के माल ढुलाई, हर माह लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नोएडा। दिल्ली-नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आगरा रूट पर डग्गामार बसें यात्रियों के साथ व्यावसायिक सामान ढो रही हैं। इन बसों की छतों और डिकी में इलेक्ट्रॉनिक्स, कॉस्मेटिक तथा रेडीमेड कपड़े जैसे सामान बिना वैध दस्तावेज के ले जाए जा रहे हैं। इससे सरकार को हर माह लाखों रुपये के जीएसटी राजस्व का नुकसान हो रहा है। दिल्ली के थोक बाजारों से व्यापारी सामान खरीदकर बस संचालकों को एकमुश्त रकम देते हैं। इसके बाद सामान आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और आसपास के शहरों तक पहुंचाया जाता है। यह परिवहन बिना वैध बिल और ई-वे बिल के होता है, जिससे जीएसटी की चोरी होती है। रात करीब साढ़े आठ बजे के बाद इन बसों का संचालन तेज हो जाता है। बसें नोएडा एक्सप्रेसवे से यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट होते हुए आगरा रूट की ओर रवाना होती हैं। बसों की छतों पर बड़े पैकेट और बोरियां खुलेआम लदी रहती हैं। एक्सप्रेसवे पर नियमित जांच न होने से यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है। परिवहन और जीएसटी विभाग समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद यह अवैध धंधा फिर शुरू हो जाता है।
जीएसटी विभाग की कार्रवाई : लगभग एक माह पहले ग्रेटर नोएडा के जीरो प्वाइंट पर जीएसटी विभाग की टीम ने अभियान चलाया था। इस दौरान छह बसों को पकड़ा गया था। जांच में बसों की छतों पर बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य व्यावसायिक सामान मिला। संबंधित व्यापारियों और माल से जुड़े लोगों के खिलाफ जीएसटी नियमों के तहत कार्रवाई की गई थी।
एआरटीओ प्रशासन नोएडा आदित्य नारायण पांडे ने बताया कि यात्रियों के अलावा अवैध रूप से व्यावसायिक सामान ढोने वाली बसों के खिलाफ कई बार कार्रवाई हुई है। ऐसे वाहनों को पकड़कर जीएसटी विभाग के साथ मिलकर संयुक्त रूप से कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रयासरत है। हालांकि, कुछ दिनों की सख्ती के बाद यह धंधा फिर शुरू हो जाता है।