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Noida News: उद्यमियों का सब्र टूटा, सड़क और बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल

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सुनील दत्त शर्मा, महासचिव आईबीए
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अमर उजाला संवाद
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-औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-3 के ब्लॉक उद्योग केंद्र-2 के उद्यमियों ने रखी अपनी समस्याएं
-कहा, एनपीसीएल से लेकर प्राधिकरण तक हर किसी की मनमानी से त्रस्त है सेक्टर के उद्यमी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जहां उद्योगों की रफ्तार दौड़नी चाहिए थी, वहां सड़को के गड्ढों ने पहिए थाम लिए हैं। जहां मशीनों की गूंज सुनाई देनी थी, वहां बिजली की बेरुखी ने सन्नाटा बिछा दिया है। इकोटेक-3 के उद्यमी इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था से परेशान होकर शिकायत कर रहे हैं। उद्यमियों ने कहा कि प्राधिकरण और एनपीसीएल की मनमानी से सेक्टर के उद्यमी त्रस्त हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है।
बुधवार को औद्योगिक सेक्टर उद्योग केंद्र-2 (इकोटेक-3) में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जहां सेक्टर के उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को रखा। उद्यमियों ने बताया कि सेक्टर की सड़कें लंबे समय से टूटी हुई हैं। फायर स्टेशन के सामने से आने वाली मुख्य सड़क पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। जिसमें वाहन फंस रहे हैं या पलट जाते हैं। सड़क पर बने गड्ढों में बारिश का पानी भरने से गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। वहीं सेक्टर में बिजली की समस्या पर भी विराम नहीं लग रहा। 10 दिन से आपूर्ति सामान्य नहीं है। एनपीसीएल के अफसर सुनने को तैयार नहीं है।
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उद्यमियों ने बताया कि से हर साल पानी की बिल आ रहा है। जबकि यहां पाइपलाइन तक नहीं पड़ी है। आरोप है कि प्राधिकरण से कई बार शिकायत की पर कोई सुनवाई नहीं होती है। पुलिस लाइन की तरफ सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू किया गया, लेकिन बारिश के कारण अब अधूरा पड़ा है।

सेक्टर में बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं है। पिछले 10 दिन से स्थिति काफी खराब है। बिजली कटौती के कारण उद्योगों में उत्पादन प्रभावित हाे रहा है। -सुनील दत्ता शर्मा, उद्यमी

सेक्टर के पास नाला खुला हुआ है। जिसमें गिरने का खतरा बना रहता है। पुलिस लाइन की तरफ सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। वहां भी हादसा का खतरा बना हुआ है।

- सुधीर त्यागी, उद्यमी

सेक्टर में पानी की आपूर्ति नहीं होती है, लेकिन बिल हर साल भेजा जा रहा है। बिल हटाने के लिए बार-बार आश्वासन मिलता है, लेकिन प्राधिकरण उस पर काम नहीं कर रहा है। -पूनम यादव, उद्यमी
सेक्टर में जगह-जगह ठेली लगी है। अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। इसका समाधान होना चाहिए। प्राधिकरण को सेक्टर में सुविधा देनी चाहिए। ताकि उद्यमियों को काम करने में दिक्कत न हो। -गुलजीत सिंह, उद्यमी

उद्योगों की जरूरत के हिसाब से कामों को समय पर पूरा नहीं किया जाता। मानसून के दौरान सड़कों का चौड़ीकरण समझ से परे है। बारिश से पहले सड़कों की मरम्मत भी हो जानी चाहिए थी। -अरुण कुमार, उद्यमी
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सेक्टर की सड़कें बुरी तरह टूट चुकी हैं। गहरे गड्ढे हैं। जिसमें वाहनों के गुजरने से माल क्षतिग्रस्त हो रहा है। बार-बार शिकायत के बाद भी प्राधिकरण सुनवाई नहीं कर रहा है।-संदीप कुमार, उद्यमी

सुनील दत्त शर्मा, महासचिव आईबीए

सुनील दत्त शर्मा, महासचिव आईबीए

सुनील दत्त शर्मा, महासचिव आईबीए

सुनील दत्त शर्मा, महासचिव आईबीए

सुनील दत्त शर्मा, महासचिव आईबीए

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