जिला उपभोक्ता आयोग
हेराफेरी से निकाली गई रकम की क्षतिपूर्ति दिलाने का वाद खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। हेराफेरी से बचत खाते से रकम निकाले जाने के मामले को जिला उपभोक्ता आयोग ने वाद खारिज कर दिया है। पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में बैंक से हेराफेरी से पैसा निकालने का आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 16सी निवासी सुमन जैरथ ने सितंबर 2018 को इंडसइन्ड बैंक में बचत खाता खुलवाया। अक्तूबर 2019 को उनके खाते से बैंक से मिली भगत करके उनके फोन के स्थान पर दूसरा फोन नंबर लिंक किया गया। इसके बाद उनके बैंक खाते से 513200 रुपये अलग-अलग तारीखों में निकाल लिए गए। पीड़िता ने कहा उनकी अनुमति के बिना बैंक खाते से बड़ी धनराशि निकाल ली गई। बैक के सेवा में कमी के चलते उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया गया।
आयोग में सुनवाई के दौरान बैंक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में परिवार के ही सदस्यों पर शक जाहिर किया था। पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। जिसमें तरूण महाजन के खिलाफ हेराफेरी के संबंध में आरोप लगाए गए थे। बैंक ने पुलिस के अधिकारी को जांच के दौरान जरूरी सूचनाएं और साक्ष्य दिए थे। मामला हेराफेरी का है। जिसको आयोग को सुनने का अधिकार नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने माना कि बैंक खाते में पैसा हेराफेरी से निकाली गई है। आयोग ऐसे तथ्यों पर विवेचना नहीं कर सकता है। आयोग ने वाद को निरस्त कर दिया।