माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पॉक्सो विशेष अदालत ने करीब साढ़े तीन वर्ष पुराने अपहरण के मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
मामला थाना नॉलेज पार्क में वर्ष-2022 में दर्ज अपराध से जुड़ा था। पीड़िता के भाई ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बहन 17 नवंबर 2022 को घर से लापता हो गई थी। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, उसके भाई, चिकित्सक और विवेचक समेत छह गवाह पेश किए। शुरुआत में अभियोजन का दावा था कि आरोपी पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। हालांकि अदालत में गवाही के दौरान पीड़िता ने अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया। उसने स्पष्ट कहा कि मां की डांट से नाराज होकर वह स्वयं अपनी नानी के घर चली गई थी। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य स्वयं पीड़िता थी, लेकिन उसने न्यायालय में अपहरण अथवा बहला-फुसलाकर ले जाने की घटना से साफ इनकार कर दिया। ऐसे में अभियोजन का मूल आधार ही कमजोर हो गया।